Share this post

user icon

Live

People Reading

This story now

कहानी 2: जनता की उम्मीदों पर पानी फेर रही है कहानी-2

साल 2012 में जब डायरेक्टर सुजॉय घोष, विद्या बालन अभिनीत फ़िल्म 'कहानी' लेकर आये थे। तो उस फ़िल्म की कहानी वाक़ई इतनी ज़बरदस्त थी कि उस फ़िल्म के थ्रिल और सस्पेंस ने दर्शकों को कुर्सियों पर जकड़ कर रख दिया था। 'कहानी-1' की स्टोरीलाइन उस फिल्म की ताकत थी। उस फ़िल्म ने दर्शकों को इस कद्र डूबा लिया था कि कोई भी दर्शक अपनी सीट से हिल तक नहीं सका था, मानो दर्शकों को फ़ेविकोल लगा कर कुर्सी से चिपका दिया गया हों।

लेकिन जब चार साल बाद सुजॉय कहानी का सिक़्वल "कहानी 2" लेकर लौटे हैं तो इस फ़िल्म में वो हर बात मिसिंग थी जो पिछली बार उस फ़िल्म की जान थी। फ़िल्म जगत बहुत समय से ये गलती करता आया है। वह महज़ नाम के लिए सीक्वल बना देता है। इस बार भी सुजॉय ने कहानी 2 के साथ यही गलती दोहराई है। कहानी-2 फ़िल्म का ट्रेलर बेहद रोमांचक था। लेकिन फ़िल्म औसत दर्जे की साबित हुई। 

कहानी 2: जनता की उम्मीदों पर पानी फेर रही है कहानी-2

कहानी 2: जनता की उम्मीदों पर पानी फेर रही है कहानी-2

754 396
  in Celebrities

फ़िल्म की स्टोरीलाइन 

फ़िल्म की स्टोरीलाइन 

फिल्म की कहानी 'विद्या सिन्हा' उर्फ़ 'दुर्गा रानी सिंह' से शुरू होती है। उसकी एक बेटी है जो पैरालिसिस की शिकार है और चल नहीं सकती। विद्या अपनी बेटी को जान से ज़्यादा चाहती है और उसका ईलाज करवाना चाहती है। लेकिन एक दिन अचानक से विद्या की बेटी गायब हो जाती है। और फिर विद्या को मालूम चलता है कि उसकी बेटी का अपहरण हो गया है। इस बीच विद्या एक हादसे का शिकार हो जाती है। इस मामले में जाँच कर रहे पुलिसकर्मी 'अर्जुन रामपाल' के हाथ विद्या की एक डायरी लगती है। जिससे विद्या उर्फ़ दुर्गा की ज़िन्दगी का एक-एक अध्याय सामने आने लगता है।     

कहानी में कितना दम 

कहानी में कितना दम 

"कहानी 2" दुर्गा रानी सिंह की कहानी बेहद कमज़ोर है इसमें इतनी खामियां है कि फ़िल्म कहीं से भी थ्रिल और सस्पेंस का मज़ा देने में असफल रहती है। कहानी 2 को देखकर यही दिमाग में आता है कि डायरेक्टर के पास कुछ छोटे-छोटे किस्से थे जिन्हें जोड़ कर उन्होंने कहानी का निर्माण कर दिया हो। इस वजह से डायरेक्टर न तो एक अच्छी कहानी बना सके न ही सस्पेंस की मदद से दर्शकों को जोड़ पाए।   

कलाकारों का अभिनय  

कलाकारों का अभिनय  

विद्या बालन इस तरह के रोल निभाना बखूबी जानती हैं। और इस बार भी विद्या ने ऐसा ही कुछ करने की कोशिश की है। लेकिन उनकी पिछली फ़िल्म की तरह उनका कैरेक्टर इतना अच्छा नहीं था। विद्या ने इस फ़िल्म में कुछ भी ऐसा नहीं किया है जो चौकाने वाला हो। अर्जुन रामपाल, पुलिसकर्मी के रोल में अच्छे लगे हैं। उन्होंने पुलिस का किरदार ठीक ठाक तरीके से निभाया है। जुगल हंसराज औसत है और बाकी कलाकारों ने अपना किरदार ठीक-ठाक तरीके से निभाया है।  

फ़िल्म का संगीत 

फ़िल्म का संगीत 

फ़िल्म "कहानी-2" का गाना 'मेहरम' पहले ही दर्शकों के बीच लोकप्रिय हो चूका है। ये गाना अरिजीत सिंह द्वारा गाया गया है। यह उस तरह की फिल्म नहीं थी जिसमे ढेर सारे गाने डाल कर दर्शको का मनोरंजन किया जाये। फ़िल्म देखते वक़्त आपको ऐसा बिलकुल नहीं लगेगा कि इस फिल्म के इस सीन में गाना होना चाहिये था। इसके अलावा फ़िल्म का बैकग्राउंड म्यूजिक क्लिंटन सेरेजो ने दिया है जो की बहुत अच्छा है।   

कहानी-2 की खामियां 

कहानी-2 की खामियां 

कहानी 2 में बाल यौन उत्पीड़न का मामला है जिसे डायरेक्टर ने बहुत खूबसूरती के साथ बताने की कोशिश की है। लेकिन कहानी जैसे-जैसे आगे बढ़ती है तो यह फैक्टर कही गायब हो जाता है। फ़िल्म में कहानी की शुरुआत बहुत दिलचस्प ढंग से होती है पर कुछ देर बाद ही सब स्वाभाविक सा लगने लगता है। जैसे 8 साल पुराने केस को 8 साल बाद क्यों खोला गया। फ़िल्म में लव स्टोरी को बेवजह क्यों डाला गया। ये दर्शकों की समझ से परे रहा।   

क्यों देखें "कहानी 2"  

क्यों देखें

अगर आप विद्या बालन के फैन है तो ये फ़िल्म आपको देखने जरूर जाना चाहिए। विद्या इस तरह के रोल निभाने में माहिर हैं और हर बार की तरह इस फ़िल्म में भी उनकी एक्टिंग का डंका बजता है। विद्या ने एक माँ और एक कुख़्यात अपराधी दोनों किरदारों को बड़ी उम्दा तरीके से निभाया है। जो दर्शक अर्जुन रामपाल को पुलिस इंस्पेक्टर के रोल में देखना चाहते हैं उन दर्शकों की ये इच्छा इस फ़िल्म में पूरी हो जाएगी। इस फ़िल्म से समाज के लिए एक मेसेज सामने आता है जिसे आप परिवार के साथ देखेंगे तो ज़्यादा प्रभाव पड़ेगा।   

कहानी 2 का कारोबार 

कहानी 2 का कारोबार 

डायरेक्टर सुजॉय घोष कम बजट की फिल्मे बनाने में माहिर हैं । विद्या बालन के साथ सुजॉय का अच्छा रिकॉर्ड रहा है। लेकिन इस बार कई पहलुओं पर कहानी निराश करती है। अगर फ़िल्म के अलग-अलग टुकड़े कर दिए जाए तो ठीक है। लेकिन फिल्म की कहानी दर्शकों को बांधने में असफ़ल रही है। कुल मिलाकर कहानी 2 एक औसत फ़िल्म है। वेसे नोटबंदी की वजह से माहौल काफी तंग चल रहा है ऐसे में मल्टीप्लेक्स द्वारा कहानी-2 को खास तव्वजो दी जा रही है। देखने वाली बात होगी कि कहानी की तरह "कहानी-2" अच्छा कारोबार करने में सफल रहेगी या नहीं। 

क्या आपको लगता है कि कहानी-2 पिछली फिल्म की तुलना में अधिक कमाई कर पाएगी?

others like

Loved this? Spread it out then

comments Comment ()

Post as @guest useror
clear

clear
arrow_back

redo Pooja query_builder {{childComment.timeAgo}}

clear

clear
arrow_back

Be the first to comment on this story.

Report

close

Select you are Reporting

expand_more
  • +2351 Active user
Post as @guest useror

NSFW Content Ahead

To access this content, confirm your age by signing up.