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ये घटनायें साबित करती हैं कि नवम्बर 2016 ने दुनिया को दिए गहरे ज़ख्म 

वैसे तो साल का कोई महीना ऐसा नहीं होता जिसमें कोई दुर्घटना न हुई हो। लेकिन हाँ! दुर्घटनाओं के साथ कई अच्छी घटनायें भी होती हैं। हाल में बीता नवम्बर का महीना भी कुछ ऐसा ही था। इस महीने में भी अच्छी बुरी दोनों तरह की ही घटनायें घटी। लेकिन फिर भी बीते महीने पर ध्यान से गौर करें तो लगता हैं कि 2016 जाते-जाते कुछ ज़्यादा ही बड़े झटके दे रहा है। बीते महीने में कुछ ऐसी दुर्घटनायें हुई हैं जिन्हें देखकर साबित होता है कि नवम्बर पूरी दुनिया के लिए कुछ ज़्यादा भारी था।
तो आइये डालते हैं ऐसी ही कुछ बड़ी दुर्घटनाओं पर एक नज़र।  

ये घटनायें साबित करती हैं कि नवम्बर 2016 ने दुनिया को दिए गहरे ज़ख्म 

ये घटनायें साबित करती हैं कि नवम्बर 2016 ने दुनिया को दिए गहरे ज़ख्म 

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दिल्ली पर छाई रही प्रदूषण की धुंध

दिल्ली पर छाई रही प्रदूषण की धुंध

यूँ तो पूरी दुनिया ही प्रदूषण की मार झेल रही है लेकिन नवम्बर की शुरुआत में दिल्ली का वायु प्रदूषण का स्तर इतना अधिक बढ़ गया था कि राज्य में आपातकाल जैसी स्थिति पैदा हो गई थी। राज्य में कुछ दिनों तक सभी कंस्ट्रक्शन वर्क्स और स्कूल भी बंद कर दिए गए थे। दिल्ली को इस दौरान 'गैस चैम्बर' भी कहा गया।  इस दौरान दिल्ली के कई इलाकों में वायु प्रदुषण का स्तर सुरक्षित स्तर से 15 गुना अधिक था।  

न्यूज़ीलैण्ड में आया भूकम्प

न्यूज़ीलैण्ड में आया भूकम्प

कुछ लोग 13 अंक को वैसे भी अशुभ मानते हैं और न्यूज़ीलैंड के लिए यह तारीख़ अशुभ ही साबित हुई। 13 नवम्बर के दिन न्यूज़ीलैण्ड के पूर्वी तट पर 7.8  तीव्रता वाला ताकतवर भूकंप आया था। इसके कुछ घंटों बाद 6.4 तीव्रता के दूसरे भूकंप के झटके कई क्षेत्रों में महसूस किए गए। इस भूकम्प के परिणाम स्वरूप 6 फ़ीट तक सुनामी की लहरें उठी थीं और इसमें 2 लोगों की मौत और भारी नुकसान भी हुआ था।  

जापान में भी महसूस हुए झटके 

जापान में भी महसूस हुए झटके 

न्यूज़ीलैण्ड के बाद भूकम्प के झटकों ने 22 नवम्बर की अलसुबह जापान को भी हिला दिया। गौरतलब है कि यह भूकम्प उसी फुकुशिमा तट पर आया था जहाँ 2011 में विनाशकारी भूकंप आया था। रिक्टर स्केल पर 7.4 तीव्रता वाले इस भूकम्प के बाद सुनामी की वार्निंग भी जारी कर दी गई थी, जिसे बाद में वापस ले लिया गया।  

इंदौर-पटना एक्सप्रेस का वो दर्दनाक हादसा

इंदौर-पटना एक्सप्रेस का वो दर्दनाक हादसा

20 नवंबर की सुबह हुआ रेल हादसा सबसे भयानक रेल हादसों से एक था। भारतीय रेलवे की इंदौर-पटना एक्सप्रेस ड्राइवर द्वारा इमरजेंसी ब्रेक लगाने की वजह से पटरी से उतर गई और इस हादसे ने लगभग 120 मासूम लोगों की जान ले ली। इस हादसे में रेल के 14 कोच पटरी से उतर गए थे। साथ ही इस हादसे में 180 लोग घायल भी हुए थे। इस भयानक हादसे ने पूरे देश को दहला दिया था।  

ईरान में भी हुआ ट्रेन हादसा

ईरान में भी हुआ ट्रेन हादसा

25 नवम्बर को उत्तरी ईरान में हुए एक दर्दनाक हादसे में दो ट्रेनें आपस में टकरा गई।  इस हादसे की वजह से लगभग 44 लोगों की जान चली गई और 100 से ज़्यादा लोग घायल हो गए थे

कोलम्बिया में हुआ प्लेन क्रैश

कोलम्बिया में हुआ प्लेन क्रैश

नवम्बर जाते-जाते भी अपने तेवर दिखा गया। 28 नंवबर को एक चार्टर एयरप्लेन, कोलम्बिया के समीप क्रैश हो गया। इस प्लेन में ब्राज़ीलियाई सॉकर टीम सहित 77 लोग सवार थे, जिनमें से 71 लोगों की मौत हो गई।  

नगरोटा आतंकी हमला

नगरोटा आतंकी हमला

जम्मू कश्मीर में हालात यूँ भी ख़राब ही हैं। लेकिन 29 नवंबर की सुबह तीन आतंकियों ने आर्मी बेस पर हमला कर स्थिति को और बिगाड़ दिया। इंडियन आर्मी के नगरोटा बेस कैंप में घुसे इन आतंकियों ने 16 सैनिकों और उनके परिवार को भी बंधक बना लिया था। इस आतंकी हमले में जवाबी करवाई में 7 सैनिक शहीद हो गए और सैनिकों ने तीन आतंकी मार गिराए। खबरों के अनुसार इन आतंकियों के 'अफ़जल गुरु' से सम्बन्ध थे।  उन्होंने सुरंग के रास्ते से घुसपैठ की थी। गनीमत है कि हमारे जवानों ने उन्हें मार गिराया कहा जा रहा है कि वे ट्रेन में धमाका करने के इरादे से आए थे। 

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