Share this post

user icon

Live

People Reading

This story now

आईये जानते हैं एचआईवी/एड्स से जुड़ी वो धारणायें जो दरअसल गलत हैं 

बहुत से लोग एड्स से डरते हैं। उनके पास डरने की वजह भी है। लेकिन जहाँ डर होता है, वहां उस डर से जुडी़ कई गलतफहमियां भी प्रचलित हो जाती हैं। यहाँ पर हम उन्हीं गलतफहमियों को दूर करने का प्रयास करेंगे, और साथ ही इस सम्बन्ध में आपकी जानकारी और आत्मविश्वास को बढ़ाने का भी प्रयास करेंगे।

आईये जानते हैं एचआईवी/एड्स से जुड़ी उन धारणाओं के बारे में जो दरअसल गलत हैं। 

आईये जानते हैं एचआईवी/एड्स से जुड़ी वो धारणायें जो दरअसल गलत हैं 

आईये जानते हैं एचआईवी/एड्स से जुड़ी वो धारणायें जो दरअसल गलत हैं 

754 396
  in Health & Fitness

"किस" करने से एड्स फैलता है

यह सच नहीं है। खून, वीर्य, और स्तन के दूध इसके फैलने के कारण हैं। ये सच है कि थूक में भी ये वायरस होता है। लेकिन इन्फेक्शन के फैलने के लिए कई बाल्टियां भर कर थूक इकठ्ठा करना पड़ेगा। एच.आई.वी. से संक्रमित लोगों के मुख की लार में हालांकि वायरस हो सकता है पर लार से एच.आई.वी. का संक्रमण नहीं होता। लेकिन ये ध्यान रखना बहुत ज़रूरी है कि आपके या उस व्यक्ति के मुँह में कोई ऐसा घाव न हो जहाँ से खून निकल रहा हो। इस स्थिति में इन्फेक्शन फ़ैल सकता है। ऐसे मे किसिंग से परहेज करना चाहिए।

बर्तन या ग्लास इस्तेमाल करने से भी एड्स हो सकता है

बर्तन या ग्लास इस्तेमाल करने से भी एड्स हो सकता है

कुछ लोगों का मानना है कि एड्स पीड़ित व्यक्ति के बर्तन इस्तेमाल करने से यह रोग हो सकता है, लेकिन किसिंग की ही तरह यह तथ्य भी गलत है। यदि किसी अवस्था में आपको अपनी चम्मच पर खून का निशान दिखाई भी दे, तो भी यह संभव नहीं है। क्यूंकि ये वायरस शरीर के बाहर कुछ पलों में दम तोड़ देता है। 

मच्छर एड्स फैलाते हैं

मच्छर एड्स फैलाते हैं

हाँ, यह सच है कि मच्छर के काटने से आपको कई तरह की बीमारियां हो सकती है। लेकिन एड्स उनमे से नहीं है। क्यूंकि जब कोई कीड़ा आपको काटता है तो वो उस व्यक्ति के वायरस आपके शरीर में नहीं डाल सकता जिसे उसने आपसे पहले काटा हो, तो अगर आपको अब तक यह लगता था कि मच्छर के काटने से एड्स होता है तो आप गलत थे।

आप चाहकर भी एड्स से अपनी रक्षा नहीं कर सकते

आप चाहकर भी एड्स से अपनी रक्षा नहीं कर सकते

कई बार आपने लोगों को एड्स पीड़ित लोगों से यह कहते हुए सुना होगा कि वह चाहकर भी एड्स से अपनी रक्षा नही कर सकते हैं। लेकिन ऐसा नही है, आप एड्स से अपनी रक्षा बिलकुल कर सकते हैं। शारीरिक सम्बन्ध बनाते समय कंडोम का उपयोग अवश्य करें। अपने साथी के लिए वफादारी भी एड्स से बचाव का तरीका है।

यदि दोनों को इन्फेक्शन हो तो कंडोम की ज़रूरत नहीं

यदि दोनों को इन्फेक्शन हो तो कंडोम की ज़रूरत नहीं

कुछ लोग यह मानते है कि अगर उन्हें और उनके पार्टनर दोनो को एड्स है तो सेक्स करते समय उन्हें कंडोम की ज़रुरत नही हैं। पर यह सही नही हैं, अगर सेक्स करने वाले दोनों लोग एड्स वायरस का शिकार हैं तो भी कंडोम का उपयोग ज़रूरी है। आपको फिर से इन्फेक्शन हो सकता है, या किसी और प्रकार का वायरस आपके शरीर में अपनी जगह बना सकता है जो आपके इलाज और उम्र को मुश्किल बना देगा। 

एड्स सिर्फ गलत काम करने से होता है

एड्स सिर्फ गलत काम करने से होता है

एड्स सिर्फ गलत काम करने से नही होता है। सदियों से लोग एक से अधिक व्यक्ति से सेक्स करते रहे हैं और ड्रग्स का प्रयोग भी करते रहे हैं। उस वक्त कोई एड्स के बारे में जानता भी नहीं था। एड्स होने का मतलब यह नहीं है कि आपने कुछ गलत काम ही किया हो। रक्तदान, जन्म या आपके साथी (अगर उन्हें एड्स हो तो) से आपको इन्फेक्शन हो सकता है।

यदि आपको एड्स है तो आपके बच्चे नहीं हो सकते़

यदि आपको एड्स है तो आपके बच्चे नहीं हो सकते़

यदि आपको एड्स है तो आपको बच्चे बिल्कुल हो सकते हैं। और इसके लिए हमें उस आधुनिक मेडिकल रिसर्च को धन्यवाद करना चाहिए जिसने अब ये संभव कर दिखाया है कि यदि आप दोनों को एड्स है तो भी आप सावधानीपूर्वक प्लानिंग और अपने मेडिकल सलाहकार की मदद से बच्चों को इस दुनिया में वायरस मुक्त ला सकते हैं।

कई लोगों के साथ सेक्स करके आप एड्स का उपचार कर सकते हैं

कई लोगों के साथ सेक्स करके आप एड्स का उपचार कर सकते हैं

यह धारणा बिल्कुल गलत है। किसी भी असंक्रमित व्यक्ति, बूढ़े, विकलांग या कई सारे लोगों के साथ सेक्स करके एड्स का इलाज नहीं हो सकता। ये बात पूरी तरह से बकवास है एवं इसके बारे में सोचना भी मूर्खता होगी। एड्स से बचने के लिए हमेशा कंडोम का प्रयोग करें। अपने साथी के साथ एचआईवी की जांच कराएं। एक साथी या कम साथियों से यौन संबंध बनाएं और जब भी आप किसी नए साथी से यौन संबंध बनाने वाले हैं, तो असुरक्षित सेक्स करने से पहले जांच कराएं। हो सकता है कि आप या आपके साथी एचआईवी से संक्रमित हों, जिसका उन्हें पता न हो।

बहरहाल, एचआईवी एड्स आज दुनिया भर के सभी महाद्वीपों में महामारी की तरह फैला हुआ है जो कि पुरुषों, महिलाओं और बच्चों के जीवन के लिए एक बड़ा खतरा है और जिसे मिटाने के हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।

क्या एड्स के मामले में अब भी लोगों के बीच जागरूकता की कमी है?

others like

Loved this? Spread it out then

comments Comment ()

Post as @guest useror
clear

clear
arrow_back

redo Pooja query_builder {{childComment.timeAgo}}

clear

clear
arrow_back

Be the first to comment on this story.

Report

close

Select you are Reporting

expand_more
  • +2351 Active user
Post as @guest useror

NSFW Content Ahead

To access this content, confirm your age by signing up.