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माँ की कोख से गायब हो गया 9 माह का बच्चा, लोगों में हैरानी 

हम बहुत बार सुनते हैं कि हॉस्पिटल से बच्चा गायब हो जाता है। ऐसी बहुत खबरें हम अखबार और टीवी पर देखते हैं, पर कभी आपने सुना है की किसी महिला की कोख से बच्चा गायब हो गया हो। शायद ऐसी खबर आपने कभी भी नहीं सुनी होगी।

राजस्थान में एक ऐसी घटना घटित हुई है जो हैरान करने वाली है। एक महिला की कोख से 9 माह का बच्चा गायब हो गया है। आखिर यह कैसे हो सकता है? यह सवाल आपके दिमाग में भी आया होगा। आइये जानते हैं की महिला की कोख से बच्चा गायब होने के पीछे आखिर सच्चाई क्या है।  

माँ की कोख से गायब हो गया 9 माह का बच्चा, लोगों में हैरानी 

माँ की कोख से गायब हो गया 9 माह का बच्चा, लोगों में हैरानी 

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यह खबर राजस्थान के अजमेर शहर की है

यह खबर राजस्थान के अजमेर शहर की है

अजमेर में घटित हुई यह घटना सभी को हैरान करने वाली है। आपको बताना चाहूँगा कि अजमेर में अलवर गेट के पास रहने वाले मोनू गहलौत की पत्नी मंजू की अचानक तबियत खराब हो जाती है। मोनू उसे अजमेर के जवाहरलाल नेहरु हॉस्पिटल ले जाता है।

महिला की हो जाती है मौत 

महिला की हो जाती है मौत 

हॉस्पिटल ले जाने के बाद डॉक्टर महिला का इलाज शुरू तो कर देते है पर डॉक्टर महिला की बीमारी का पता लगा पाते उससे पहले ही महिला की मृत्यु हो जाती है। महिला की मृत्यु के बाद जब घर वाले उसके बच्चे के बारे में पूछते हैं तब डॉक्टर जो कहता है उसे सुनकर मोनू और उसके घर वाले हैरान रह जाते हैं। 

डॉक्टर ने कहा

डॉक्टर ने कहा

मोनू के बच्चे के बारे में पूछने पर डॉक्टर ने कहा की उसकी पत्नी माँ नहीं बनने वाली थी, क्योंकि उसके गर्भ में कोई बच्चा नहीं था। मोनू और उसके घरवाले इस बात को मानने को तैयार ही नहीं थे, मोनू और उसके घरवालों ने मंजू का पोस्टमार्टम करवाया।

पोस्टमार्टम की रिपोर्ट में लिखा था यह

पोस्टमार्टम की रिपोर्ट में लिखा था यह

पोस्टमार्टम की रिपोर्ट में जो आया वो हैरान करने वाला था। रिपोर्ट में साफ़ लिखा हुआ था कि मंजू के गर्भ में कोई बच्चा नहीं बल्कि एक गांठ थी जिसकी वजह से ही मंजू की मृत्यु हुई है। यह खबर सुनकर मंजू के घरवाले फूट-फूट कर रोने लगे।

जननी सुरक्षा कार्ड में था मंजू का नाम दर्ज

जननी सुरक्षा कार्ड में था मंजू का नाम दर्ज

आपको यह जानकर हैरानी होगी कि जननी सुरक्षा कार्ड में मंजू का नाम दर्ज था। मंजू ने अनेक सरकारी चैकअप भी करवाए थे और जननी सुरक्षा कार्ड में उसके बच्चे और उसकी सेहत अच्छी बताई जा रही थी।

क्या है जननी सुरक्षा कार्ड



क्या है जननी सुरक्षा कार्ड

शायद कुछ लोगों को इस स्कीम के बारे में पता नहीं होगा, यह सरकारी कार्ड गर्भवती महिलाओं को सुविधा प्रदान करने के लिए मुहैया करवाया जाता है। सरकारी अस्पताल में हर महीने कार्डधारी महिला का चैकअप किया जाता है एवं बच्चे और माँ की सेहत की जांच भी की जाती है। इस कार्ड में महिला और उसके बच्चे की सेहत के बारे में लिखा जाता है। इतना ही नहीं महिला को हिमोग्लोबिन बढ़ाने और अपनी सेहत को अच्छा रखने व अच्छा आहार लेने के लिए सरकार द्वारा धन राशि भी दी जाती है।

अब सवाल यह उठता है कि मंजू की जांच किस डॉक्टर ने की थी

अब सवाल यह उठता है कि मंजू की जांच किस डॉक्टर ने की थी

अजमेर में हुई इस घटना के बाद एक बात साफ़ हो गई है, राजस्थान में कुछ सरकारी डॉक्टर सही जांच किये बगैर ही जननी सुरक्षा कार्ड में महिलाओं के नाम शामिल कर देते हैं। यदि मंजू का किसी डॉक्टर ने सही से चैकअप किया होता तो आज मंजू भी इस दुनिया में होती।

क्या सरकारी अस्पतालों की व्यवस्था में सुधार लाने के लिए कुछ ठोस कदम उठाये जाने की जरूरत है?

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