Share this post

आखिर क्या थी वजह जो रानी लक्ष्मी बाई को देख सका था केवल एक ही अंग्रेज़, जानें पूरी कहानी 

खूब लड़ी मर्दानी वो झांसी वाली रानी थी... ये लाइन सुन-पढ़कर ही हम सब बड़े हुए हैं। 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की बात आती है तो रानी लक्ष्मीबाई का नाम सबसे आगे होता है। झांसी की रानी की वो तस्वीर हम सबके ज़ेहन में है जिसमें घोड़े पर बैठी रानी पीठ पर अपने बच्चे को बांधे अंग्रेजों से लड़ रही हैं। आपको बता दें कि दावा किया जाता है कि रानी लक्ष्मीबाई को सिर्फ एक ही अंग्रेज शख्स देख पाया था। लक्ष्मीबाई के जन्मदिवस पर आइए मिलाते हैं आपको उसी शख्स से और बताते हैं पूरी कहानी। 

आखिर क्या थी वजह जो रानी लक्ष्मी बाई को देख सका था केवल एक ही अंग्रेज़, जानें पूरी कहानी 

आखिर क्या थी वजह जो रानी लक्ष्मी बाई को देख सका था केवल एक ही अंग्रेज़, जानें पूरी कहानी 

754 396
  in History & Culture

वकील जॉन लैंग

वकील जॉन लैंग

ऑस्ट्रेलिया के रहने वाले जॉन लैंग ब्रिटेन में रहते थे। और ब्रिटेन की सरकार के खिलाफ कोर्ट में मुकदमें भी लड़ा करते थे। रानी लक्ष्मीबाई ने जॉन को अपना केस लड़ने के लिए नियुक्त किया था।

सोने की पट्टी पर लिखी थी चिठ्ठी

सोने की पट्टी पर लिखी थी चिठ्ठी

रानी लक्ष्मी बाई को जब मेजर एलिस ने किला छोड़ने का फरमान सुनाया। उसके बाद रानी लक्ष्मीबाई किला छोड़कर दूसरे महल में रहने लगी। ऐसे में किला वापस पाने के लिए उन्होंने केस लड़ने का सोचा और अंग्रेजों से बैर रखने वाले जॉन लैंग को सोने की पट्टी में पत्र लिखकर मिलने को बुलवाया।

जॉन लैंग ने लिखी है इस बारे में किताब

जॉन लैंग ने लिखी है इस बारे में किताब

जॉन को केस लड़ने के लिए रानी से मिलना पड़ा। इसलिए वो भारत आए। जॉन ने अपनी भारत यात्रा को एक किताब में समेट दिया। जिसमें रानी लक्ष्मीबाई की खूबसूरती व उनसे मिलने का संदर्भ भी है। जॉन की किताब का नाम है- 'वांडरिंग्स इन इंडिया'

बेटे की वजह से लैंग रानी को देख पाए थे 

बेटे की वजह से लैंग रानी को देख पाए थे 

रानी लक्ष्मीबाई ने महल के ऊपरी कक्ष में लैंग को बुलवाया। रानी और लैंग के बीच में एक पर्दा जिसमें से रानी की शक्ल बिल्कुल भी नहीं दिख रही थी। तभी अचानक रानी लक्ष्मीबाई के दत्तक पुत्र दामोदर राव ने पर्दा हटा दिया। और लैंग ने रानी का दीदार कर लिया।

रानी की खूबसूरती के कायल हो गए लैंग

रानी की खूबसूरती के कायल हो गए लैंग

अपनी किताब में लैंग ने रानी की खूब तारीफ की है। लैंग ने रानी के चेहरे की बनावट और नाक नख्श को बेहतरीन बताया। साथ ही ये भी लिखा है कि रानी की आवाज रूआंसी और जरा फटी हुई सी थी।

ऑस्ट्रेलिया दौरे में पीएम ने लैंग का किया था ज़िक्र

ऑस्ट्रेलिया दौरे में पीएम ने लैंग का किया था ज़िक्र

साल 2014 के ऑस्ट्रेलिया दौरे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी लैंग का ज़िक्र किया था। पीएम ने लैंग का ज़िक्र कर बताया कि लैंग की मदद ने भारत-ऑस्ट्रेलिया के संबंधों को पुराने दौर से ही काबिलेतारीफ बनाया था।

रस्किन बॉन्ड ने ढूँढ़ी लैंग की कब्र

रस्किन बॉन्ड ने ढूँढ़ी लैंग की कब्र

मशहूर लेखक रस्किन बॉन्ड ने लैंग की कब्र 1964 में मसूरी में ढूँढ़ी थी। जिसके बाद भारत में लैंग के बारे में लोगों को पता चल पाया था।

मसूरी आए थे इसकी पुष्टि नहीं

मसूरी आए थे इसकी पुष्टि नहीं

जॉन लैंग कभी मसूरी आए भी थे या नहीं इसकी अभी कोई पुष्टि नहीं हुई है। और इससे संबंधित कोई दस्तावेज भी नहीं मिल सके हैं।

सैल्यूट- मिस्टर लैंग

सैल्यूट- मिस्टर लैंग

जॉन लैंग ने एक तरफ तो रानी लक्ष्मीबाई की मदद की, उसके लिए देश उनका शुक्रगुजार है। वहीं दूसरी तरफ आज के समय में रानी लक्ष्मीबाई के व्यवहार, खूबसूरती और साहस के बारें में भी लैंग की किताब बहुत कुछ बताती है। इसके लिए इतिहास उन्हें हमेशा याद रखेगा।

क्या रानी लक्ष्मी बाई जितने सम्मान की हक़दार हैं, वह उन्हें आज के समय में मिल रहा है?

others like

Loved this? Spread it out then

Report

close

Select you are Reporting

expand_more
  • GreenPear
  • GreenPear
  • GreenStrawberry
  • GreenStrawberry
  • RedApple
  • RedApple
  • +2351 Active user
Post as @guest useror
stop

NSFW Content Ahead

To access this content, confirm your age by signing up.