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प्रधानमंत्री जी आपका नोट कलर छोड़ता है: शीत कालीन सत्र में विपक्ष ने सरकार को घेरा    

हंगामा ना हो ऐसा तो कभी संसद भवन में होता ही नहीं है और वर्तमान राजनीति में तो हंगामे का दूसरा नाम ही "संसद" हो गया है। वर्तमान राजनीति में विपक्ष का बस एक मात्र मोलिक कर्तव्य यह रह गया है की सरकार की हर निति पर हंगामा खड़ा करना। संसद में सत्र इसलिए चलाए जाते हैं ताकि हमारे द्वारा चुने गए नेता हमारे दुःख दर्द को देश के सामने ला सके। मगर अधिकतर सत्र हंगामे की भेंट चढ़ गए हैं। इस शीत कालीन सत्र की शुरुआत भी हंगामे से हुई और लिहाज़ा एक और दिन संसद में बिना काम के ही ख़त्म करना पड़ा।
आइये जानते हैं क्या-क्या हुआ आज संसद में 

प्रधानमंत्री जी आपका नोट कलर छोड़ता है: शीत कालीन सत्र में विपक्ष ने सरकार को घेरा    

प्रधानमंत्री जी आपका नोट कलर छोड़ता है: शीत कालीन सत्र में विपक्ष ने सरकार को घेरा    

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ममता बनर्जी की अगुआई में निकाला मोर्चा 

ममता बनर्जी की अगुआई में निकाला मोर्चा 

नोटबंदी के फ़ैसले को ले कर आज पूरे विपक्ष ने एक जुट हो कर सरकार को घेरा। विपक्षी दल ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री की अगुआई में, राष्ट्रपति भवन से ले कर संसद भवन तक मार्च निकाला। 

राज्यसभा में हुआ ज़ोरदार हंगामा 

राज्यसभा में हुआ ज़ोरदार हंगामा 

लोकसभा में तो सिर्फ दिवंगत नेताओं को श्रद्धांजली दी गई बाकी की कार्यवाही गुरूवार तक के लिए स्थगित कर दी गई। उधर राज्यसभा का कार्य भी हंगामे की भेंट चढ़ा, पूरी कार्यवाही के दौरान विपक्ष ने जम कर खरी-खोटी सुनाई  

मायावती सहीत कई बड़े नेताओं ने जम कर खरी-खोटी सुनाई 

मायावती सहीत कई बड़े नेताओं ने जम कर खरी-खोटी सुनाई 

मायावती ने बीजेपी पर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने उनका काला धन पहले ही सफ़ेद कर लिया है। वहीं कांग्रेस के आनंद शर्मा ने कहा कि नोटबंदी के फ़ैसले से देश का किसान, मजदूर और आम आदमी परेशान है। किसान को बीज के लिए पैसे चाहिए, आज किसान बैंक में 2000 के लिए लाइन में खड़ा है  

किसान धोती में क्रेडिट कार्ड ले कर नहीं घूमता 

किसान धोती में क्रेडिट कार्ड ले कर नहीं घूमता 

कांग्रेस नेता आनंद शर्मा ने किसान की दुहाई देते हुए सरकार को याद दिलाया कि किसान अपनी धोती में क्रेडिट कार्ड ले कर नहीं घूमता। देश में कैश का संकट हो गया है और उसमें सबसे ज़्यादा परेशानी आम आदमी को आ रही है। आनंद शर्मा ने अपने बयान को और बढ़ाते हुए कहा कि काला बज़ारियों की सज़ा, पूरा देश भुगत रहा है।   

चूरण की पुड़िया में निकलता था ऐसा नोट 

चूरण की पुड़िया में निकलता था ऐसा नोट 

आनंद शर्मा यहीं नहीं रुके, उनहोंने नए नोट पर तंज़ कसते हुए कहा की ऐसे नोट तो चूरण की पुड़िया के साथ मिलते थे। उन्होंने यह भी कहा कि 2000 का नया नोट रंग छोड़ता है । 

नहीं चल रहा 2000 का नोट 

नहीं चल रहा 2000 का नोट 

सीपीएम के महासचिव सीता राम येचुरी ने 2000 का नोट लहराते हुए कहा कि इस नोट को कोई नहीं ले रहा है। वहीं राम गोपाल यादव को यह बात खटकी कि बैंक की लाइन में कोई भी अमीर व्यक्ति क्यों नहीं दिख रहा। तो वहीं यह आरोप भी लगे के प्रधानमंत्री जी ने गरीबों को भिखारी बना दिया है।          

हर विषय पर चर्चा के लिए तैयार हूँ 

हर विषय पर चर्चा के लिए तैयार हूँ 

वहीं सेशन से पहले पीएम मोदी ने आश्वासन दिया कि इस बार सदन में अच्छी चर्चा होगी