Share this post

user icon

Live

People Reading

This story now

पढ़ें गुरुनानक देव के उपदेश, जो आपकी ज़िंदगी में ला सकते हैं बड़ा परिवर्तन

हमारे समाज में गुरु को सबसे ऊपर माना जाता है। और गुरुओं में गुरुनानक देव जी का एक अलग ही स्थान है। सिक्ख धर्म के संस्थापक और सिक्खों के पहले गुरु गुरुनानक ने अपनी पूरी जिंदगी गुरु की महिमा का व्याख्यान किया और समाज में प्रेम भावना को फ़ैलाने का काम किया है। गुरुनानक देव जी ने अपनी शिक्षा से एकता और प्रेम को बढ़ावा दिया है।

आइये पढ़ते हैं गुरुनानक देव जी के प्रमुख उपदेश, जो बदल देंगे आपकी ज़िंदगी। 

पढ़ें गुरुनानक देव के उपदेश, जो आपकी ज़िंदगी में ला सकते हैं बड़ा परिवर्तन

पढ़ें गुरुनानक देव के उपदेश, जो आपकी ज़िंदगी में ला सकते हैं बड़ा परिवर्तन

754 396
  in Lifestyle

गुरुनानक देव का जीवन 

गुरुनानक देव का जीवन 

सिक्ख धर्म के संस्थापक और पहले गुरु श्री गुरुनानक देव जी का जन्म कार्तिक पूर्णिमा के दिन हुआ था। गुरुनानक ने अपनी पूरी जिंदगी भाईचारा, एकता और जातिवाद को मिटाने के उपदेश दिए। गुरुनानक जी के उपदेश आम लोगों की ज़िंदगी में एक बड़ा बदलाव ला सकते हैं, आप भी जानें उनके महत्वपूर्ण उपदेशों को।

ईश्वर एक है

ईश्वर एक है

गुरुनानक देव ने कहा था कि ईश्वर एक है और हमें एक ही शक्ति ने बनाया है।

सदैव एक ही ईश्वर की उपासना करो

सदैव एक ही ईश्वर की उपासना करो

"अव्वल अल्लाह नूर उपाया, कुदरत के सब बंदे, एक नूर ते सब जग उपज्या, कौन भले को मंदे" अर्थात जब हमें एक ही ईश्वर ने बनाया है तो हम अलग-अलग कैसे हुए और जब हम सब एक है तो हमें एक ही ईश्वर की उपासना करनी चाहिए। 

ईश्वर का वास सभी प्राणियों में है

ईश्वर का वास सभी प्राणियों में है

गुरुनानक देव जी के अनुसार सभी प्राणियों में ईश्वर मौजूद है, तो हम उसे बाहर क्यों ढूँढ रहे हैं। 

जो प्रार्थना करते हैं उनको किसी का भय नहीं होता 

जो प्रार्थना करते हैं उनको किसी का भय नहीं होता 

आप जिस भी धर्म को मानते हो उनकी प्रार्थना करते हो तो आप को किसी का भय नहीं रहता, ईश्वर खुद आपकी रक्षा करते हैं। 

ईमानदारी और मेहनत से उदरपूर्ति करना चाहिए। 

ईमानदारी और मेहनत से उदरपूर्ति करना चाहिए। 

हमेशा मेहनत और ईमानदारी से ही अपना जीवन यापन करना चाहिए और नेकी के रास्ते पर चलना चाहिए। 

कभी किसी का बुरा नहीं करना

कभी किसी का बुरा नहीं करना

गुरुनानक देव जी कह गए हैं कि कभी किसी के हित में बुरा नहीं करना चाहिए, क्योंकि इससे अंतर्मन दुखी होता है, और हमें कही शांति नहीं मिलती है।

सदैव प्रसन्न रहिये।

सदैव प्रसन्न रहिये।

गुरुनानक देव कह गए हैं कि हमें हमेशा एक छोटे बच्चे की तरह प्रसन्न रहना चाहिये। जिस तरह एक बच्चा हमेशा प्रसन्न रहता है। 

अपनी मेहनत से किसी को दान देना

अपनी मेहनत से किसी को दान देना

जॉय ऑफ़ गिविंग पर आजकल खूब बातें होती हैं, लेकिन गुरुनानक देव सदियों पहले दान का मतलब समझा गए हैं। उनके अनुसार किसी को देने का सुख सबसे बड़ा है। इसलिए अपनी मेहनत के पैसों से किसी जरुरतमंद की मदद करना चाहिए।

सभी स्त्री और पुरुष बराबर हैं 

सभी स्त्री और पुरुष बराबर हैं 

गुरुनानक देव के अनुसार सभी स्त्री और पुरुष बराबर हैं और उनको समान अधिकार प्राप्त हैं। इसलिए जिस समाज में स्त्री पुरुष को बराबर सम्मान मिलता है वो समाज सुखी होता है।

भोजन सिर्फ शरीर को जिंदा रखने के लिए है

भोजन सिर्फ शरीर को जिंदा रखने के लिए है

हमें भोजन केवल जिंदा रहने के लिए ही ग्रहण करना चाहिए अर्थात संयमित भोजन ही स्वास्थ के लिए अच्छा होता है।

क्या आप इन बातों का अपने दैनिक जीवन में अमल करते हैं?

others like

Loved this? Spread it out then

comments Comment ()

Post as @guest useror
clear

clear
arrow_back

redo Pooja query_builder {{childComment.timeAgo}}

clear

clear
arrow_back

Be the first to comment on this story.

Report

close

Select you are Reporting

expand_more
  • +2351 Active user
Post as @guest useror

NSFW Content Ahead

To access this content, confirm your age by signing up.