Share this post

user icon

Live

People Reading

This story now

इस भारतीय शख्स का हाथ है ट्रम्प को राष्ट्रपति बनाने के पीछे, रोजाना 23 घंटे काम करके दिलाई जीत 

डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका के राष्ट्रपति पद के चुनाव में बाज़ी मार ली है। ट्रंप अब अमेरिका के 45वें राष्ट्रपति होंगे। ट्रंप ने अपने भाषण में भारत और भारतीयों की तारीफ की है। इसके पीछे सबसे बड़ा कारण हैं लखनऊ आई.आई.एम. के एलुमिनी अविनाश इरागवारापू। ये वही शख़्स हैं जिन्होनें दुनिया के सबसे शक्तिशाली नेता के तौर पर ट्रंप को जिताने की इबारत लिखी।
आइए जानते हैं कैसे अविनाश ने ट्रंप को बनाया दुनिया का सबसे शक्तिशाली नेता। 

इस भारतीय शख्स का हाथ है ट्रम्प को राष्ट्रपति बनाने के पीछे, रोजाना 23 घंटे काम करके दिलाई जीत 

इस भारतीय शख्स का हाथ है ट्रम्प को राष्ट्रपति बनाने के पीछे, रोजाना 23 घंटे काम करके दिलाई जीत 

754 396
  in People

कौन है अविनाश?

कौन है अविनाश?

30 साल के अविनाश, आंध्र प्रदेश के गोदावरी जिले के रहने वाले हैं। इन्होनें आई.आई.एम. यानी इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट, लखनऊ से शिक्षा हासिल की है।

कॉर्पोरेट इंडस्ट्री में नहीं रम पाए अविनाश 

कॉर्पोरेट इंडस्ट्री में नहीं रम पाए अविनाश 

कॉलेज के बाद अविनाश देश की बड़ी टेक कंपनी एच.सी.एल. में काम करने लगे लेकिन उनका मन कॉर्पोरेट दुनिया में नहीं जम पाया। नौकरी छोड़ अविनाश ने आंध्र प्रदेश में वाई.एस.आर. कांग्रेस के कैंपेन में हिस्सा लिया। कॉलेज के समय से ही अविनाश चुनावी प्रचार तकनीकों की पूरी योजना बनाया करते थे।

डोनाल्ड ट्रंप के कैंपेन में लीडर बनें अविनाश

डोनाल्ड ट्रंप के कैंपेन में लीडर बनें अविनाश

अविनाश ने अब चुनावी रणनीति बनाने को ही अपना करियर बना लिया था। अमेरिका में उन्हें डोनाल्ड ट्रंप के कैंपेन से जुड़ने का मौका मिला। अविनाश ट्रंप के कैंपेन में एरिजोना स्टेट चीफ थे। यानी बतौर रणनीतिकार उन पर ट्रंप को जिताने की अहम ज़िम्मेदारी थी।

महज 45 दिनों में पलटा पासा

महज 45 दिनों में पलटा पासा

अविनाश के मुताबिक चुनाव के 45 दिन पहले तक ट्रंप चुनाव हार रहे थे। लेकिन फिर 22 सितंबर को एक मीटिंग हुई जिसमें नए फार्मूले को आज़माने की बात हुई, रणनीति बनाई गई कि अब ये उजागर किया जाए कि अगर हिलेरी राष्ट्रपति बनती हैं तो अमेरिका को क्या और कैसे नुकसान होगा। यह फॉर्मूला ज़बरदस्त हिट हुआ।

हर रोज़ 19 से 23 घंटे तक किया गया काम 

हर रोज़ 19 से 23 घंटे तक किया गया काम 

पुरानी रणनीति यह थी कि ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद अमेरिका को क्या फाय़दा होगा। इस पर कैंपेन चलाया जाए, लेकिन अब नई रणनीति बनने के बाद सभी को कड़ी मेहनत करनी पड़ी। अविनाश के मुताबिक 12 हज़ार लोगों की टीम ने 19 से 23 घंटों तक, रात दिन का फर्क भुलाकर काम किया। आखिरकार ये मेहनत रंग भी लाने लगी।

ट्रंप की इस जीत में एक और भारतीय का है बड़ा हाथ

ट्रंप की इस जीत में एक और भारतीय का है बड़ा हाथ

अविनाश के मुताबिक, कैंपेन की रणनीति बनाते वक्त अमेरिका में हिंदू संघ के अध्यक्ष "शलभ कुमार" का मोदी मंत्र भी काम आया। शलभ अमेरिका में एक बड़े कारोबारी के तौर पर भी जाने जाते हैं।

''अबकी बार ट्रंप सरकार'' के नारे का कमाल

‘’अबकी बार ट्रंप सरकार’’ के नारे का कमाल

जैसे भारत में 'अबकी बार मोदी सरकार' का नारा लोकप्रिय हुआ था, वैसे ही अमेरिकी भारतीयों में ''अबकी बार ट्रंप सरकार'' का नारा बेहद मशहूर हुआ। यह आइडिया शलभ ने ही दिया था।

ट्रंप के साथ अविनाश ने भी जीत लिया मैदान

ट्रंप के साथ अविनाश ने भी जीत लिया मैदान

ट्रंप की इस ऐतिहासिक जीत में अविनाश की भी जीत है। जिन्होनें यह दिखा दिया कि भारतीयों में जीत हासिल करने का जज़्बा कूट-कूटकर भरा है। अब कयास लगाए जा रहे हैं कि अविनाश आने वाले समय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कैंपेन भी संभाल सकते हैं।

क्या अविनाश को मिलेगा मोदी कैंपेन संभालने का मौका?

others like

Loved this? Spread it out then

comments Comment ()

Post as @guest useror
clear

clear
arrow_back

redo Pooja query_builder {{childComment.timeAgo}}

clear

clear
arrow_back

Be the first to comment on this story.

Report

close

Select you are Reporting

expand_more
  • +2351 Active user
Post as @guest useror

NSFW Content Ahead

To access this content, confirm your age by signing up.