Share this post

जानें नोटों को बंद करने की योजना कैसे रही अंत तक सीक्रेट, यदि बात गुप्त न होती तो मोदी का मिशन हो जाता फेल

500-1000 के नोटों के बंद होने की घोषणा मंगलवार रात 8 बजे के लगभग हुई जिसके बाद पूरे देश में अफरा-तफरी मच गई, हर तरफ हंगामा बहस-बाजी, तर्क-वितर्क होने लगे व सोशल मीडिया पर तो गजब का माहौल था। कहीं लोग अपने लाइव रिएक्शन दे रहे थे तो कहीं पर ₹500-₹1000 के नोटों की अर्थी उठाई जा रही थीI लेकिन अब सोचने वाली बात यह है की इतना बड़ा बदलाव इतनी तीव्र गति से हुआ फिर भी किसी को कानों-कान खबर नहीं हुई, आखिर कैसे?

आईये जानते हैंI

जानें नोटों को बंद करने की योजना कैसे रही अंत तक सीक्रेट, यदि बात गुप्त न होती तो मोदी का मिशन हो जाता फेल

जानें नोटों को बंद करने की योजना कैसे रही अंत तक सीक्रेट, यदि बात गुप्त न होती तो मोदी का मिशन हो जाता फेल

754 396
logo
  in Lifestyle

कैबिनेट बैठक 

कैबिनेट बैठक 

नरेन्द्र मोदी ने नोटों पर बैन लगाने की घोषणा से पहले शाम को अपने कुछ ख़ास मंत्रियों के साथ मिलकर की थी कैबिनेट बैठकI मीटिंग का मुख्य मुद्दा यही सुनिश्चित करना था कि कहीं से नोटों को बंद करने की खबर का रिसाव तो नहीं हुआ हैI

सबसे बड़ा सीक्रेट 

सबसे बड़ा सीक्रेट 

चूँकि मुद्दा इतना महत्वपूर्ण था इसलिए किसी को भी कानों-कान खबर नहीं हुई। यहाँ तक की सत्ता के गलियारों में भी इस बात की सूचना पहले से नहीं पहुँची थीI इस बात की खबर सिर्फ बैंक के बड़े अधिकारियों, भारतीय जनता पार्टी के कुछ प्रमुख नेताओं को ही थीI

मीटिंग के बाद नरेन्द्र मोदी राष्ट्रपति जी से मिले 

मीटिंग के बाद नरेन्द्र मोदी राष्ट्रपति जी से मिले 

शाम 7:30 बजे कैबिनेट मीटिंग खत्म करने के बाद नरेन्द्र मोदी जी राष्ट्रपति जी से मिले और उनको सारे मामले की जानकारी दीI

फिर हुई एक और ख़ास मीटिंग 

फिर हुई एक और ख़ास मीटिंग 

राष्ट्रपति जी से मिलने के बाद एक और खास मीटिंग नरेन्द्र मोदी जी की अपने खास मंत्रियो के साथ हुई। मीटिंग में किसी को मोबाइल लाने की इजाज़त नहीं थीI

घोषणा से पहले कई चीजों का रखा गया ध्यान

घोषणा से पहले कई चीजों का रखा गया ध्यान

भारत में यह पहली बार था जब किसी बड़े मुद्दे में इतने लोग शामिल थे और बात बाहर नहीं पहुँची। नरेन्द्र मोदी ने अपने सबसे बड़े भाषण से पहले आम जनता और बड़े-बड़े उद्योगपतियों के माइंड सेट को बदल दिया था। जहाँ लोग सोच रहे थे कि नरेंद्र मोदी भारतीय सैनिकों और पाकिस्तान के खिलाफ कुछ बोलने वाले हैं वहीं नरेन्द्र मोदी ने नोटों के बंद होने की घोषणा कर सबको चौंका दियाI मोदी की यह रणनीति सफल रही और बड़े-बड़े कारोबारी और घूसखोर नेता अपनी कोई भी उल्टी चाल नहीं चल पाएI

नए नोट आने और पुराने नोटों के बंद होने की खबर फ़ैल जाती तो क्या होता 

नए नोट आने और पुराने नोटों के बंद होने की खबर फ़ैल जाती तो क्या होता 

यदि खबर घोषणा से पहले फ़ैल जाती तो मोदी की भ्रष्टाचार के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक फेल हो जाती और ब्लैक मनी के खिलाफ यह जंग सरकार उसी वक़्त हार जाती। 

काला पैसा सोने चांदी में बदल जाता 

काला पैसा सोने चांदी में बदल जाता 

यदि कहीं से नोटों के बंद होने की खबर कारोबारियों और घूसखोर नेताओं के मोहल्ले में फैलती तो रातों रात काले पैसे कब सोने, चांदी और प्रॉपर्टी में बदल जाते पता भी नहीं चलताI

सूत्रों के अनुसार मोदी के भाषण के बाद 3 घंटे के अंदर-अंदर करोड़ों की धनराशी सोने में तब्दील हो गईI

मोदी हम आपके साथ हैं 

मोदी हम आपके साथ हैं 

भ्रष्टाचार के खिलाफ मोदी की इस आवाज में हमें भी सुर में सुर मिलाना चाहिए। मोदी और उनकी नीति का असर अब देखने को भी मिलने लगा है। नरेन्द्र मोदी ने इतना बड़ा कदम इतनी सावधानी से उठा कर उनके खिलाफ उठने वाले सभी आरोपों पर पानी फेर दिया हैI अब तो दुश्मनों को भी मजबूरन मोदी के इस फैसले का समर्थन करना पड़ रहा हैI

क्या काले धन के खिलाफ मोदी का यह कदम सफल साबित हो पाएगा?

others like

Loved this? Spread it out then

Report

close

Select you are Reporting

expand_more
  • GreenPear
  • GreenPear
  • GreenStrawberry
  • GreenStrawberry
  • RedApple
  • RedApple
  • +2351 Active user
Post as @guest useror