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कभी रिक्शाचालक रहा यह शख़्स आज दे रहा है दूसरों को रोजगार, जानें कैसे

"संघर्ष ही सबसे बड़ी कामयाबी है, अगर आगे बढ़ना है तो पीछे मुड़कर नहीं देखना है"

-धर्मवीर सिंह काम्बोज 

कितनी ही महान कहानियाँ हम अख़बारों में पढ़ते हैं। बड़े-बड़े नाम और बड़े-बड़े काम, लेकिन सच ही तो कहते हैं कि बूँद-बूँद से सागर भरता है। पहाड़ पर चढ़ने का सफर तय करने वाले इंसान को भी शुरुआत तो एक छोटे से कदम से ही करनी होती है।

अगर मैं आपसे किसी किसान की बात करूँ तो ज़ाहिर है आपके दिमाग में एक मज़लूम (लाचार) से इंसान की तस्वीर उभर आएगी। अगर आपका ख़बरों की दुनिया से ख़ास ताल्लुक़ है तो आप यही सोचेंगे कि मैं किसान की आत्महत्या पर कुछ टिप्पणी करने वाली हूँ। लेकिन यक़ीन जानिए मैं एक बहुत ही आम इंसान की बात कर रही हूँ, जिनका नाम है धर्मवीर सिंह काम्बोज 

इनकी कहानी पढ़कर आप भी शायद अपने इरादों पर यक़ीन करने लगें, इंसान जो बनता है उसके इरादों और मेहनत से बनता है। आइये जानते हैं ऐसे ही जीते-जागते इंसान की कहानी, जिनके हौंसले की उड़ान ने पूरे देश को गर्वित कर दिया है। 

कभी रिक्शाचालक रहा यह शख़्स आज दे रहा है दूसरों को रोजगार, जानें कैसे

कभी रिक्शाचालक रहा यह शख़्स आज दे रहा है दूसरों को रोजगार, जानें कैसे

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दिल्ली की सड़कों पर चलाया करते थे रिक्शा 

दिल्ली की सड़कों पर चलाया करते थे रिक्शा 

धर्मवीर हरयाणा के यमुना नगर के रहने वाले हैं। ज़िन्दगी हर किसी के लिए फूलों की सेज नहीं होती, धर्मवीर भी अपना और अपने परिवार का पेट पालने के लिए दिल्ली की सड़कों पर रिक्शा गाड़ी चलाया करते थे। धर्मवीर के लिए उन दिनों दो वक़्त की रोटी का इंतज़ाम कर पाना भी बहुत मुश्किल हुआ करता था। 

एक्सीडेंट की वजह से घर लौटना पड़ा

एक्सीडेंट की वजह से घर लौटना पड़ा

1963 में जन्मे धरवीर 5 भाई बहनों में सबसे बड़े हैं। एक दिन धर्मवीर की रिक्शा को किसी कार वाले ने टक्कर मार दी और वो लहू-लुहान होकर सड़क पर जा गिरे। कार वाले की टक्कर के बाद उनके पैरों में इतनी ताक़त नहीं बची कि दुबारा रिक्शा चला पाएं। संकट में फँस चुके धर्मवीर दिल्ली छोड़कर अपने पुश्तैनी गाँव लौट आए।

राजस्थान में देखी नई पद्धति

राजस्थान में देखी नई पद्धति

2004 में धर्मवीर का राजस्थान जाना हुआ, जहाँ उन्होनें देखा की किसान भाई एलोवेरा, गुलाब, अश्वगंधा, आँवला जैसी कई लाभदायक चीज़ों की खेती करते हैं। लेकिन धर्मवीर को जब इन चीज़ों की खेती के लिए, मशीनों की कीमत का पता चला तो इरादे पस्त पड़ने लगे। राजस्थान से लौटते समय दिल में टीस सी उठी कुछ अच्छा करने की और वहीं से उनका सफर शुरू हो गया।

औषधि की खेती से शुरुआत की

औषधि की खेती से शुरुआत की

ज़िन्दगी बसर करने के लिए कुछ ना कुछ करना तो ज़रूरी था, इसलिए धर्मवीर ने अपनी पुश्तैनी ज़मीन पर औषधीय पौधों की खेती शुरु कर दी। धर्मवीर जब रिक्शा चलाया करते थे तो उन्हें औषधि बेचने वालों को देखकर हमेशा लगता था कि औषधि से एक नई शुरुआत की जा सकती है। 

खुद मशीन बनाने का लिया निर्णय 

खुद मशीन बनाने का लिया निर्णय 

इस कहावत से आप भली भाँति परिचित होंगे कि आवश्यकता अविष्कार की जननी है। औषधि की खेती को एक नया रूप देने की आवश्यकता तो थी ही, साथ ही साथ धर्मवीर ने राजस्थान में जो मशीनें देखी थी उन्हें इस्तेमाल करना भी चाहते थे और इसी के चलते धर्मवीर ने खुद मशीन बनाने का निर्णय लिया।

आखिर स्वयं बनाई मशीन

आखिर स्वयं बनाई मशीन

धर्मवीर ने स्वयं एक पोर्टेबल बहुधंधी मशीन यूनिट तैयार की जिससे आँवला, एलोवेरा और अन्य औषधियों की प्रोसेसिंग हो सके। मशीन के तैयार होते ही उन्होनें औषधि की खेती पर भी पूरी तरह से अपना ध्यान केंद्रित किया और औषधियों की खेती में जी तोड़ मेहनत करने लगे।

जाने कितने लोगों को दिया रोज़गार 

जाने कितने लोगों को दिया रोज़गार 

धर्मवीर की इस एक पहल ने जाने कितने लोगों को रोज़गार दिया, ख़ासकर गाँव की महिलाओं को। आज धर्मवीर अपने क्षेत्र के एक सम्माननीय उद्यमी हैं। इसके साथ ही वे खुद की ज़मीन पर आँवला, एलोवेरा और अन्य चीज़ों की खेती करते हैं। धर्मवीर की बनाई हुई मशीन के द्वारा इन औषधियों का जूस आसानी से निकल जाता है। जिससे शैम्पू, फेसक्रीम जैसी अन्य चीज़ें बनाई जाती हैं।

देश-विदेश में कमाया नाम 

देश-विदेश में कमाया नाम 

धर्मवीर ने अब तक भारत में 55 मशीन बेची हैं और कुछ मशीन केन्या को भी दी हैं। कभी 2 वक़्त की रोटी के लिए जद्दो-जहद करने वाले धर्मवीर आज अपने बल-बूते पर और भी लोगों को रोज़गार देते हैं। धर्मवीर ने मेहनत और लगन से अपनी पहचान बना ली है। धर्मवीर इन दिनों शामिल होने वाले हैं एक बहुत बड़े प्लेटफार्म "The Vault" में।

धर्मवीर अब आएँगे "The Vault" शो में 

धर्मवीर अब आने वाले हैं The Vault के 5वें एपिसोड में, जो  ETNOW पर हर शनिवार शाम 7:30 बजे प्रसारित किया जाता है। आप यह शो Times Now पर भी देख सकते हैं, हर रविवार दोपहर 12:30 बजे। एक आम ऑटोचालक से एक उद्योगपति बनने की कहानी को देखना ना भूलें।

क्या 'The Vault' से मिलने वाली मदद धर्मवीर जैसे अन्य लोगों की ज़िन्दगी बदलने में महत्वपूर्ण साबित होगी?

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