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नासा ने दिये सबूत, धरती का अन्त है करीब, कभी भी हो सकती है दुनिया ख़त्म

यह कोई आम बात नहीं है जब वैज्ञानिकों ने ग्लोबल वार्मिंग और आइस मेल्टिंग के चलते चेताया न हो। NASA के वैज्ञानिकों ने पोलर जगहों पर कई सालों से रिसर्च के बाद पाया है कि प्रशांत महासागर में बर्फ के स्तर में निरंतर बदलाव आ रहा है। NASA ने अपनी रिसर्च को विस्तार से समझाया, आईये जानते हैं क्या कहना है NASA का प्रशांत महासागर में आइस मेल्टिंग के बारे में।

नासा ने दिये सबूत, धरती का अन्त है करीब, कभी भी हो सकती है दुनिया ख़त्म

नासा ने दिये सबूत, धरती का अन्त है करीब, कभी भी हो सकती है दुनिया ख़त्म

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NASA ने एक एनीमेशन रिलीज़ किया जो की काफी चौकाने वाला है

NASA ने एक एनीमेशन रिलीज़ किया जो की काफी चौकाने वाला है

नासा के अनुसार गर्मियों के दौरान प्रशांत महासागर में बर्फ के स्तर में भारी उथल-पुथल होने वाली है I जैसे ही तापमान में बदलाव आता है वैसे ही बर्फ के स्तर में भी बदलाव आता रहता है। 

सितम्बर 2014 की यह तस्वीर 

सितम्बर 2014 की यह तस्वीर 

तस्वीर में दर्शाए गए सफ़ेद हिस्से को पेरेनियल आइस बोलते हैं I पेरेनियल आइस बर्फ की सबसे मोटी परत होती है जो गर्मियों के दिनों में भी कम पिघलती है I पेरेनियल आइस 4-9 सालों तक बिना पिघले रह सकती है I

सितम्बर 2016 में प्रशांत महासागर में बर्फ़ 

सितम्बर 2016 में प्रशांत महासागर में बर्फ़ 

2 सालों में बर्फ के स्तर में ज़बरदस्त परिवर्तन हुआ है, जिससे गर्मियों के दिनों में बर्फ की पिघलने की मात्रा बढ़ सकती है। 

10 सितम्बर 2016

10 सितम्बर 2016

नारंगी लाइन 1981 से 2018 तक के लिए बर्फ के स्तर की औसत हद है। NASA के अनुसार प्रशांत महासागर सदी के मध्य तक बर्फ से मुक्त हो जायेगा I

देखिए यह वीडियो

NASA की ओर से आए संकेत पर बनी यह वीडियो आपकी आँखें खोल देगीI

यदि आइस मेल्ट होती है तो क्या होगा?

यदि आइस मेल्ट होती है तो क्या होगा?

हम जानतें हैं कि आपने इस विषय में अधिक नहीं सोचा होगा। लेकिन अब समय आ गया है जब इन सब बातों की चर्चा की जाए। यदि ऐसा होता है तो सर्दियों के दिनों में ज़्यादा ठण्ड बढ़ने का अंदेशा है। 

वाइल्ड लाइफ को होगा खतरा

वाइल्ड लाइफ को होगा खतरा

बर्फ के स्तर की वजह से वैसे ही हर साल वाइल्ड लाइफ को बहुत नुकसान पहुँचता हैI यदि ऐसा हुआ तो सबसे ज़्यादा नुकसान वाइल्ड लाइफ को ही होगाI

पानी की मात्रा में भी पड़ सकता है फर्क

पानी की मात्रा में भी पड़ सकता है फर्क

धरती पर फ्रेश पानी की मात्रा बस 1 परसेंट ही है, ऐसा हुआ तो यह परसेंट और भी घट सकता हैI

अमेरिका और फ्लोरिडा के लिए हो सकती है सबसे बुरी स्थिति

अमेरिका और फ्लोरिडा के लिए हो सकती है सबसे बुरी स्थिति

वैज्ञानिकों के अनुसार यदि ग्रीनलैंड की बर्फ पिघलती है तो वैश्विक समुद्र के जल स्तर में 7.3 मीटर की बढ़ोत्तरी हो सकती है। यदि पूरा अंटार्कटिका पिघलता है तो जल के स्तर में 61 मीटर की बढ़ोत्तरी हो सकती है। 

ग्लोबल वार्मिंग की वजह से एक और विनाश के संकेत

ग्लोबल वार्मिंग की वजह से एक और विनाश के संकेत

इस स्थिति में अमेरिका जल में डूब सकता है और पूरा फ्लोरिडा तबाह हो सकता हैI साथ ही इस स्थिति से पूरी दुनिया के जलवायु में भारी परिवर्तन आ सकता है। जो धरती को एक बड़े विनाश की ओर ले जाने वाला साबित होगा। 

यह वीडियो देखना ना भूलें

क्या आपको लगता है कि सचमुच धरती का अंत निकट है?

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