Share this post

शाहीन के नाम से गौरी को फ़ोन करते थे शाहरुख़, जानिए शाहरुख़-गौरी की प्रेम कहानी 

शाहरूख खान पर आज भी करोड़ों लड़कियाँ फिदा हैं। लेकिन शाहरुख खान का दिल पिछले 32 सालों से सिर्फ एक के लिए धड़क रहा है वो हैं गौरी खान।शाहरूख और गौरी के प्यार की कहानी बिल्कुल बॉलीवुड फिल्मों की तरह है, जिसमें बेइंतेहा प्यार है, दूरी है, घरवालों की नाराज़गी है और फिर हैप्पी एंडिंग है। 

आज वैसे भी करोड़ों दिलों की धड़कन बॉलीवुड के सुपरस्टार 'किंग खान' शाहरुख खान का 50वां जन्मदिन है। इस मौके पर शाहरुख ने ट्विटर और फेसबुक के जरिए अपने प्रशंसकों का बेहद शुक्रिया अदा किया। कहा जाता है की हर मर्द की साफलता के पीछे एक औरत का हाथ होता है। आइये जानते हैं शाहरुख़-गौरी की अमर प्रेम कहानी। 

शाहीन के नाम से गौरी को फ़ोन करते थे शाहरुख़, जानिए शाहरुख़-गौरी की प्रेम कहानी 

शाहीन के नाम से गौरी को फ़ोन करते थे शाहरुख़, जानिए शाहरुख़-गौरी की प्रेम कहानी 

754 396
  in Celebrities

तुझे देखा तो ये जाना सनम, प्यार होता है दीवाना सनम

तुझे देखा तो ये जाना सनम, प्यार होता है दीवाना सनम

दिल्ली में ही शाहरुख और गौरी दोनों का बचपन बीता है।साल 1984 में एक पार्टी के दौरान पहली बार शाहरूख खान ने गौरी को देखा था।उस समय शाहरूख 19 साल के थे और गौरी महज 14 साल की।पहली ही नज़र में शाहरूख  को गौरी बेहद पसंद आ गई, लेकिन गौरी को शाहरूख कुछ खास नहीं लगे थे।

शाहीन के नाम से फोन करते थे शाहरूख

शाहीन के नाम से फोन करते थे शाहरूख

कुछ मुलाकातों के बाद शाहरूख को गौरी का नंबर मिल गया।अब शाहरूख और गौरी, समारोह के अलावा फोन पर भी लंबी बात करने लगे थे।आपको जानकर हैरानी होगी कि शाहरूख, गौरी के घर शाहीन बनकर बात करते थे। गौरी शाहीन नाम सुनकर समझ जाती थी कि शाहरूख की ही कॉल है।

और फिर शाहरूख ने कह दी अपने दिल की बात

और फिर शाहरूख ने कह दी अपने दिल की बात

शाहरूख और गौरी अब लॉन्ग ड्राइव्स पर, पार्टियों में काफी मिलने जुलने लगे थे।शाहरूख, गौरी को मनाने के लिए उस दौर में बॉलीवुड के गाने भी गाया करते थे।और एक दिन शाहरूख ने गौरी से कह दिया कि- 'मैं तुमसे शादी करना चाहता हूँ' इसके बाद शाहरूख ने गौरी का जवाब तक नहीं सुना और वहां से चले गए।

प्यार के बीच में आया धर्म और स्टेटस

प्यार के बीच में आया धर्म और स्टेटस

शाहरुख खान के पिता मीर ताज मोहम्मद का निधन कैंसर से हुआ था, उस समय शाहरूख 15 साल के थे। शाहरूख की माँ  ही उनकी परवरिश कर रही थी। वहीं गौरी उच्च वर्ग के ब्राह्मण खानदान से संबंध रखती थी।गौरी के पिता रिटायर्ड आर्मी ऑफिसर थे।ऐसे में धर्म के साथ ही साथ शाहरूख-गौरी के आर्थिक हालातों में भी काफी अंतर था। और गौरी के पिता नहीं चाहते थे कि गौरी, शाहरूख के करीब आए। 

दूरियाँ....

दूरियाँ....

अब गौरी-शाहरूख के प्यार को करीब 5 साल होने वाले थे।गौरी 19 की हो गई थी और दिल्ली विश्वविद्यालय के एक कॉलेज में ग्रेजुएशन कर रही थी।वहीं शाहरूख सीरियल में काम कर रह थे।गौरी के 19वें जन्मदिन पर शाहरूख ने ढेर सारी तैयारी की, गौरी शाहरूख से मिलने भी आईं, लेकिन अगले ही दिन गौरी ने शाहरूख को बताया भी नहीं और मुंबई चली गईं।

आखिर मिल ही गई दिलवाले को दुल्हनिया

आखिर मिल ही गई दिलवाले को दुल्हनिया

आखिर कुछ दिन के जद्दोजहद के बाद, रास्ते में ही कहीं शाहरूख और गौरी की मुलाकात हुई।दोनों अब शायद समझ गए थे कि वो एक दूसरे के लिए ही बने हैं। धर्म, पैसे सारी बंदिशें तोड़कर शाहरूख-गौरी ने शादी करने की ठानी।

विवाह, 1991

विवाह, 1991

साल 1991 में दोनों एक दूसरे के हो गए।शाहरूख उस समय स्टेबल नहीं थे और ना ही जानते थे कि  वो बॉलीवुड में कुछ कर पाएंगे भी या नहीं, इसी वजह से गौरी के परिवार वाले इस शादी से बिल्कुल खुश नहीं थे।

आज सबसे नायाब जोड़ियों में से एक हैं शाहरूख-गौरी

आज सबसे नायाब जोड़ियों में से एक हैं शाहरूख-गौरी

शादी के 25 साल बाद यानी अब, बॉलीवुड पर राज करते हैं शाहरूख खान। शाहरूख और गौरी के 3 बच्चे हैं। और गौरी के परिवार वालों को भी शाहरूख पर नाज है।शाहरूख के प्यार की इस कहानी से उनकी ही फिल्म का डायलॉग याद आता है-"इतनी शिद्दत से तुझे पाने की कोशिश की है, कि हर ज़र्रे ने मुझे तुमसे मिलाने की साज़िश की है''


Loved this? Spread it out then

Report

close

Select you are Reporting

expand_more
  • GreenPear
  • GreenPear
  • GreenStrawberry
  • GreenStrawberry
  • RedApple
  • RedApple
  • +2351 Active user
Post as @guest useror
stop

NSFW Content Ahead

To access this content, confirm your age by signing up.