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भारत की दिग्गज महिला शूटर हीना सिंधु ने लिया ईरान में होने वाली चैंपियनशिप के बहिष्कार का निर्णय 

खेलों की अपनी एक अलग ही दुनिया होती है। कोई खेल अगर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेला जाता है तो उसके नियम-कायदे सभी देशों और खिलाड़ियों के लिए एक से ही होते है। लेकिन अगर कोई धर्म या देश अपने खिलाड़ियों के ड्रेस कोड को लेकर कुछ अलग नियम बनाए तो इस बारे में ज्यादा कुछ नहीं कहा जा सकता है। लेकिन क्या कोई देश अन्य देशों के खिलाड़ियों को भी अपने हिसाब से ड्रेस कोड का पालन करने के लिए मजबूर कर सकता है? 
किसी भी देश के नियम कायदे या धार्मिक मान्यताए किसी भी खेल से ऊपर नहीं हो सकते हैं। लेकिन ऐसा कुछ मुस्लिम देश ईरान में हो रहा है। यहाँ एक शूटिंग चैंपियनशिप में महिला खिलाड़ियों के लिए हिजाब पहनना अनिवार्य किया गया है। लेकिन एक भारतीय शूटर इस कदम का पुरजोर विरोध कर रही है।
आइये जानते है क्या है पूरा मामला

भारत की दिग्गज महिला शूटर हीना सिंधु ने लिया ईरान में होने वाली चैंपियनशिप के बहिष्कार का निर्णय 

भारत की दिग्गज महिला शूटर हीना सिंधु ने लिया ईरान में होने वाली चैंपियनशिप के बहिष्कार का निर्णय 

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  in Sports

  क्या होता है हिजाब



 

क्या होता है हिजाब

हिजाब एक तरह का कपड़ा होता है जो मुस्लिम महिलाए घर से बाहर के वयस्क पुरुषों के सामने पहनती है। हिजाब आमतौर पर सर और छाती को ढ़कता है। कई देशों में मुस्लिम महिलाओ के लिए हिजाब पहनना अनिवार्य है।

भारत की नंबर वन शूटर ने उठाया है यह कदम

भारत की नंबर वन शूटर ने उठाया है यह कदम

हिना सिंधु भारत की पहली महिला पिस्तौल शूटर है जो शूटिंग में वर्ल्ड नंबर वन रह चुकी है।भारत की यह महिला खिलाड़ी दिसम्बर में ईरान में होने वाली 9वी एशियाई एयरगन शूटिंग चैम्पयनशिप का बहिष्कार कर रही है। जिसकी वजह इस चैंपियनशिप में महिला खिलाड़ियों के लिए हिजाब पहनना जरुरी होना है।

16 साल की उम्र में शुरू किया खेलना

16 साल की उम्र में शुरू किया खेलना

27 वर्षीय हीना सिंधु बचपन से ही शूटिंग का शौक रखती थी, पर उन्होंने 16 बरस की उम्र तक आते-आते शूटिंग करना शुरू किया। वे डेंटल सर्जरी में बैचलर डिग्री भी ले चुकी है। 2013 में उन्होंने ISSF World Cup Finals में सोना जीतकर भारतीय महिला शूटिंग के इतिहास में नया कीर्तिमान रच दिया। 2014 में उन्हें भारत के राष्ट्रपति द्वारा अर्जुन अवार्ड से भी सम्मानित किया जा चुका

ट्वीट के जरिए की भावनाए व्यक्त

हीना ने ट्विटर पर ट्वीट कर कहा कि मैं कोई क्रन्तिकारी कदम नहीं उठा रही हूँ, पर मुझे लगता है कि किसी खिलाड़ी को खेल के दौरान हिजाब पहनने के लिए मजबूर करना खेल भावना के विरुद्ध है।

यह भी कहा उन्होंने

यह भी कहा उन्होंने

उन्होंने अपने बयान में यह भी जताया है कि उन्हें किसी धर्म विशेष से कोई समस्या नहीं है।उनका सिर्फ इतना कहना है कि 'आप अपने धर्म का पालन कर रहे है, तो मुझे भी मेरे धर्म का पालन करने दीजिए।अगर आप मुझे आपके धर्म का पालन करने के लिए मजबूर करते है तो मैं इस प्रतियोगिता का हिस्सा ही नहीं बनना चाहती।

पहले भी कर चुकी है विरोध

पहले भी कर चुकी है विरोध

इससे पहले भी ईरान में आयोजित हुई  6वी एशियाई एयरगन चैंपियनशिप का भी हीना ने ड्रेस कोड के कारण बहिष्कार किया था। उस समय हीना अपनी गर्दन और कंधे कि चोट से उबर रही थी।तब उन्होंने अपने बयान में कहा था कि 'ईरान में होने वाली इस चैंपियनशिप में महिला शूटर्स को हिजाब पहनकर खेलना होगा, जिसके लिए अलग तरह की प्रैक्टिस की जरुरत होती है।मुझे इस तरह से खेलने की आदत नहीं है और मुझे खेलना पड़ा तो मुझे इसके लिए दो से तीन हफ़्तों की ख़ास ट्रेनिंग लेनी होगी।इसलिए ईरान में होने वाली इस चैंपियनशिप में अपना समय और शक्ति बर्बाद करने से बेहतर है मैं अपनी चोट से उबरने पर ध्यान दूँ।'

अमेरिकी चैस चैंपियन ने भी कर चुकी है विरोध

अमेरिकी चैस चैंपियन ने भी कर चुकी है विरोध


सिंधु इस नियम का विरोध करने वाली अकेली खिलाड़ी नहीं है। कुछ दिनों पहले ही अमेरिकी चैस चैंपियन Nazi Paikidze-Barnes ने ईरान में होने वाली चैस चैंपियनशिप से हिजाब की अनिवार्यता के चलते अपना नाम वापस ले लिया था। उन्होंने इस बारे में विरोध जताते हुए कहा था 'मुझे लगता है कि जिस जगह पर महिलाओं के लिए मौलिक अधिकार नहीं है और जहाँ उन्हें दोयम दर्जे का समझ जाता है, उस जगह पर पर वर्ल्ड वीमेन चैंपियनशिप का आयोजन करना बिलकुल अस्वीकार्य है।'

इस तरह के शर्मनाक वाकये भी हो चुके है चैंपियनशिप के दौरान

इस तरह के शर्मनाक वाकये भी हो चुके है चैंपियनशिप के दौरान

इस मामले में भारत की पूर्व टेबल-टेनिस चैंपियन पॉलोमी घटक ने एक इंटरव्यू के दौरान एक अपमानजनक वाकये का जिक्र करते हुए बताया था कि ईरान में एक चैंपियनशिप के दौरान जब महिला खिलाड़ी शॉट्स पहनकर कोर्ट पर खेलने उतरी तो वहां मौजूद अधिकारियों ने इसका विरोध किया और महिला खिलाड़ियों से कहा कि वे खुद को पूरी तरह ढककर खेले।महिला खिलाड़ियो को यह गवारा नहीं हुआ क्योकि उन्हें उस तरह खेलने की आदत नहीं थी और उन्होंने इससे इनकार कर दिया। इसके बाद वहां मौजूद सभी पुरुषों को बाहर भेजकर और सारे दरवाजे बंद करके खेल शुरू किया गया।

हीना के ट्वीट की हो रही है चर्चा

हीना के ट्वीट की हो रही है चर्चा

हीना के चैंपियनशिप के बहिष्कार के फैसले पर कई लोग अपनी राय दे रहे है।ईरान की अवार्ड विनिंग पत्रकार मसीह अलीनेजाद ने ट्वीट किया है ' हीना सिंधु ने अपनी गरिमा की रक्षा के लिए एक बहुत सही कदम उठाया है।'

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