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कभी सोचा है सोन पापड़ी क्यों है दीपावली में सबसे ज्यादा दी जाने वाली मिठाई

बहुत जल्द ही दीपावली आने वाली है और माहौल भी गज़ब ही बन रहा है। जो शहर से बाहर हैं वो सभी दीपावली मनाने घर आ रहे हैं। बस-ट्रेन सब एकदम खचाखच भर कर जा रही है। अभी कल ही जयपुर से दीपावली मनाने बुआजी हमारे घर आई हैं और अपने साथ बहुत सारे तोहफ़े और मिठाइयां भी लेकर आई हैं। जिनमें से सबसे  ख़ास मिठाई है 'सोन पापड़ी'।

सोन पापड़ी से मुझे याद आया पिछली दीपावली मौसी भी सोन पापड़ी ही लेकर आई थी। पापा को ऑफिस से हमेशा सोन पापड़ी ही मिलती है, और अब तो बहन को भी यही मिलता है। आपके साथ भी ऐसा हुआ होगा न? आपने कभी सोचा है कि आखिर क्यों दीपावली पर सबसे ज्यादा सोन पापड़ी ही मिठाई के तौर पर सभी को दी जाती है? आइए मैं बताती हूँ आपको क्या है इसकी वजह। 

कभी सोचा है सोन पापड़ी क्यों है दीपावली में सबसे ज्यादा दी जाने वाली मिठाई

कभी सोचा है सोन पापड़ी क्यों है दीपावली में सबसे ज्यादा दी जाने वाली मिठाई

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ऐसे बनती है सोन पापड़ी

ऐसे बनती है सोन पापड़ी

सोन पापड़ी बनाने के लिए बेसन, मैदा, शुध्द घी, शक्कर की चाशनी की जरूरत पड़ती है। बता दें कि सोन पापड़ी बनाना इतना आसान नहीं है। इसे बनाने के लिए बड़ी मेहनत और धैर्य की जरुरत होती है। 

ब्रांड की बात है

ब्रांड की बात है

हाँ बात एकदम सही है। सोन पापड़ी कोई छोटी-मोटी मिठाई नहीं है। कई सारे बड़े-बड़े ब्रांड्स अपनी सोन पापड़ी निकालते है। हल्दीराम से लेकर न जाने कितने ही ब्रांड्स आपको बाजार में देखने को मिल जाएंगे। इसके साथ ही इसकी पैकिंग भी बड़ी शानदार होती है। वो भी ऐसी कि बस देखते ही लेने का मन हो जाए।

स्वादिष्ट तो बहुत होती है सोन पापड़ी

स्वादिष्ट तो बहुत होती है सोन पापड़ी

सोन पापड़ी उन मिठाइयों में से है जो मुँह में डालते है घुल जाती है। इतना ही नहीं यह तो बहुत सारे फ्लेवर में भी मिलती है। साथ ही इसका स्वाद भी बहुत गज़ब का होता है।

उत्तर भारत में है बोलबाला

उत्तर भारत में है बोलबाला

उत्तर भारत में  पंजाब, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश जैसे राज्य आते हैं। सोन पापड़ी मुख्य रूप से उत्तर भारतीय राज्यों में ही प्रचलित है। हर दीपावली कम से कम एक पैकेट सोन पापड़ी तो घर में आती ही है। अच्छा आप ही बताओ मैं कुछ गलत बोल रही हूँ क्या?

मावा नहीं होता इसमें

मावा नहीं होता इसमें

हाँ तो हम बात कर रहे थे कि आखिर क्यों दीपावली पर सबसे ज्यादा सोन पापड़ी ही दी जाती हैं? इसकी पहली वजह तो यह हो सकती है इस मिठाई में मावा नहीं होता है। मिलावटी मावे के डर से लोग घर पर ही दीपावली की मिठाइयां बनाना पसंद करते हैं। लेकिन जब ये भी न हो पाए तो सोन पापड़ी ही सबसे अच्छा विकल्प है। इसमें असली नकली का कोई झंझट नहीं होता है।

उम्र भी है लंबी

उम्र भी है लंबी

इसके अलावा सोन पापड़ी में एक और अच्छाई यह है कि यह जल्दी ख़राब भी नहीं होती है। यह लंबे समय तक खाई जा सकती है और साथ ही इसे दूर के स्थानों पर भी ले जा सकते है।

आसान है संभालना

आसान है संभालना

इसके अलावा सोन पापड़ी में टूटने जैसा भी कुछ नहीं होता है। आप इसे बहुत ही आसानी से कहीं भी ले जा सकते हैं।

इस बार आप भी कर दीजिए गिफ्ट

इस बार आप भी कर दीजिए गिफ्ट

अब सोन पापड़ी के बारे में इतनी सारी अच्छी-अच्छी बातें पढ़ने के बाद आप भी सोच रहे होंगे कि मैं भी इस बार सोन पापड़ी ही दे देती/देता हूँ। अब इसमें सोचने वाली कौन सी बात है? आप बिलकुल दीजिए आपको कोई मनाही नहीं हैं।

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