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इस दीपावली कुछ इस तरह करें नकली मिठाइयों की पहचान  

दीपावली मतलब मिठाई, फटाके, कपड़े, चारो तरफ साज़ सज्जा, घर के आँगन में बनी हुई रंग रंगीली रंगोली। हर तरफ बस खुशियाँ ही खुशियाँ होती हैं। ऐसे में फिर हमें और किसी चीज़ की याद रहती ही कहाँ है! हमारी यही लापरवाही हमारे और हमारे परिवार के स्वास्थ्य के साथ एक बहुत बड़ा खिलवाड़ कर सकती है।

त्यौहार की आड़ में अपनी कालाबाजारी करने वालों के लिए यह त्यौहार आपार धन संपदा कमाने का ज़रिया मात्र होता है। ऐसे में वे लोगों की जान से खेलने पर भी नहीं हिचकिचाते। मगर स्वास्थ्य आपका है तो सावधानी भी आपको ही रखनी पड़ेगी, और वो आप कैसे रखोगे यह हम बताते हैं।

इस दीपावली कुछ इस तरह करें नकली मिठाइयों की पहचान  

इस दीपावली कुछ इस तरह करें नकली मिठाइयों की पहचान  

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ऐसे बनाते हैं यह नकली मावा 

ऐसे बनाते हैं यह नकली मावा 

नकली मावा बनाने वालों के लिए यह दाएं हाथ का खेल होता है। नकली दूध बना लो, नकली मावा यूँ ही बन जाएगा। नकली दूध बनाने के लिए यह दूध में कास्टिक सोडा, यूरिया, रिफ़ाइन्ड ऑइल सबको मिलाकर उबाल लेते हैं। नकली मावे में आलू भी मिलाया जाता है।

घी भी होता है नकली 

घी भी होता है नकली 

जिस दुनिया में सब चीज़ नकली हो फिर उस दुनिया में घी कहाँ से असली हो सकता है। नकली देसी घी बनाने के लिए घटिया दर्जे का वनस्पति घी, जानवरों की चर्बी और देसी घी की सुगन्ध का इस्तेमाल होता है ताकि नकली देसी घी से असली देसी घी जैसी खुशबू आए।

ऐसे पहचानें कौनसी असली मिठाई है और कौनसी नकली 

ऐसे पहचानें कौनसी असली मिठाई है और कौनसी नकली 

यूँ तो कालाबाजारी करने वाले नकली चीजों को असली बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ते मगर इन 6 आसान तरीकों को अगर हम नकली मिठाई खाने से बच सकते हैं।

1. असली चीजें आसानी से नहीं टूटती 

1. असली चीजें आसानी से नहीं टूटती 

कोई भी चीज़ हो अगर असली है तो वह आसानी से नहीं टूटेगी ऐसा ही मिठाई के मामले में भी है। असली मिठाई आसानी से नहीं टूटती नकली मिठाई को छूते ही उससके दो टुकड़े हो जाती है।   

2. असली मिठाई मुँह में जाते ही घुल जाती है 

2. असली मिठाई मुँह में जाते ही घुल जाती है 

नकली या मिलावटी मावे की मिठाईयों में चिपचिपाहट होती है जिसकी वजह से यह दातों में फंस जाती है लेकिन असली मिठाई मुंह में डालते ही घुलने लगती है और दांतों में चिपकती नहीं है। 

3. बेसन की मिठाइयों में मिलावट की संभावना कम होती है 

3. बेसन की मिठाइयों में मिलावट की संभावना कम होती है 

बेसन की मिठाई में मिलावट की संभावना नहीं रहती है। सोन पापड़ी और पताशा जैसी मिठाईयों की खरीदारी की जा सकती है।

4. मावा बर्फी में होती है मिलावट की संभावना ज्यादा 

4. मावा बर्फी में होती है मिलावट की संभावना ज्यादा 

मावा बर्फी और मिल्कशेक में मिलावट की संभावना अधिक है। ग्राहक इससे परहेज करें।

5. नकली रसगुल्लों में स्पंज नहीं होता 

5. नकली रसगुल्लों में स्पंज नहीं होता 

बाज़ार के नकली रसगुल्ले में स्पंजी एहसास नहीं आएगा जबकि इसके विपरीत असली रसगुल्ले आपको स्पंजी मिलेंगे। इससे भी आप नकली-असली की पहचान कर सकते हैं।

6. असली मिठाई होती है सफ़ेद 

6. असली मिठाई होती है सफ़ेद 

नकली मिठाई का रंग मटमैला होता है मगर असली मिठाई दूध की तरह सफ़ेद होती है। 

इस दीपावली कहें मिलावट को ना!

इस दीपावली कहें मिलावट को ना!

तो इस दीपावली मिलावट को ना करें और शुद्धता को हाँ। ध्यान रहे सस्ते के चक्कर में अपने स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करना समझदारी नहीं है।

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