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घाना सरकार ने दिया घाना यूनिवर्सिटी से महात्मा गाँधी की प्रतिमा हटाने का आदेश

राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी को अहिंसा का प्रतीक माना जाता है। यह तो हम सभी जानते हैं कि गांधीजी ने हमारे देश को स्वतन्त्र कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। वे सिर्फ हमारे देश में ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में सम्मानीय हैं। अफ्रीका खासतौर पर दक्षिण अफ्रीका से गांधीजी का बहुत खास नाता था। लेकिन अब एक ताज़ा मामले में पश्चिमी अफ्रीका के देश घाना की एक यूनिवर्सिटी से महात्मा गाँधी की प्रतिमा को हटाया जा रहा है।

आखिर क्या है इसके इसकी वजह, जानते हैं विस्तार से :

घाना सरकार ने दिया घाना यूनिवर्सिटी से महात्मा गाँधी की प्रतिमा हटाने का आदेश

घाना सरकार ने दिया घाना यूनिवर्सिटी से महात्मा गाँधी की प्रतिमा हटाने का आदेश

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घाना यूनिवर्सिटी

घाना यूनिवर्सिटी

घाना यूनिवर्सिटी घाना की सबसे बड़ी और प्रमुख यूनिवर्सिटी है। इसकी स्थापना 11अगस्त 1948 को की गयी थी। इस यूनिवर्सिटी में 40,000 से भी ज्यादा विद्यार्थी पढ़ते हैं।

सरकार उठा रही है यह कदम

सरकार उठा रही है यह कदम

घाना की सरकार ने घाना यूनिवर्सिटी के अकरा कैंपस से महात्मा गाँधी की प्रतिमा को हटाने का निर्णय लिया है। यह फैसला यूनिवर्सिटी के प्रोफ़ेसर्स और स्टूडेंट्स के विरोध के मद्देनज़र लिया गया है।

इसलिए हो रहा है विरोध

इसलिए हो रहा है विरोध

घाना यूनिवर्सिटी के प्रोफ़ेसर्स और स्टूडेंट्स महात्मा गाँधी द्वारा पूर्व में की गयी एक जातिवादी टिप्पणी की वजह से उनकी प्रतिमा का विरोध कर रहे हैं।  उनका दावा है कि गांधीजी ने अपनी टिप्पणी में लिखा है कि भारतीय ब्लैक अफ्रीकन्स से 'infinitely superior' (बहुत बेहतर) हैं।

यह भी है उनकी मांग

यह भी है उनकी मांग

उनका मानना हैं कि गांधीजी की प्रतिमा लगाने से बेहतर है कि देश के स्थानीय योद्धाओं को तवज्जो दी जाए। इनमें से कुछ तो यह भी चाहते हैं कि यह प्रतिमा वापस भारत भेज दी जाए।


प्रोफ़ेसर ने याचिका की दाखिल

प्रोफ़ेसर ने याचिका की दाखिल

इस विरोध के अन्तर्गत यूनिवर्सिटी ऑफ़ घाना के प्रोफेसर अदोमको अम्पोफो ने एक याचिका दाखिल की थी। पिछले महीने दाखिल की गयी उनकी इस याचिका को 1000 से भी ज्यादा हस्ताक्षर प्राप्त हुए। प्रोफ़ेसर का मानना है कि गांधीजी काले लोगो के प्रति जातिवादी रवैया रखते थे।  उनका सम्मान करना विद्यार्थियों को गलत सन्देश देगा।


यह कहना है विदेश मंत्रालय का

यह कहना है विदेश मंत्रालय का

घाना के विदेश मंत्रालय का कहना है कि इस प्रतिमा की सुरक्षा के मद्देनजर इसे दूसरे स्थान पर भेजा जाएगा। जिससे की कोई विवाद की स्तिथी न बने।

जून में हुआ था प्रतिमा का अनावरण

जून में हुआ था प्रतिमा का अनावरण

गौरतलब है कि जून महीने में राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी तीन अफीक्री देशो की यात्रा पर गए थे। इसी दौरान उन्होंने घाना यूनिवर्सिटी में दोनों देशों के बीच की दोस्ती के प्रतीक में रूप में इस प्रतिमा का अनावरण किया था।  

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