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जानिये: क्या है गरबे का नवरात्रि से कनेक्शन?

आपने पूरी नवरात्री खूब गरबा खेला होगा, खूब मस्ती की होगी, मगर क्या आपने सोचा है कि गरबा क्यों खेलते हैं? और यह बस नवरात्री को ही क्यों खेलते हैं? मैं जानता हूँ कई लोगों को इसका जवाब नहीं पता होगा। मुझे भी इससे पहले नहीं पता था। मगर जब इसका इतिहास मेरे सामने खुला उसने मुझे आश्चर्य और उत्साह दोनों से भर दिया, मुझे आशा है इस कहानी को पढ़ने के बाद आपकी भी हालत मेरी ही तरह होगी।

जानिये: क्या है गरबे का नवरात्रि से कनेक्शन?

जानिये: क्या है गरबे का नवरात्रि से कनेक्शन?

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  in Desi

1. गरबा की धूम

1. गरबा की धूम

नवरात्रि के दिनों में गरबा की धूम अलग ही रौनक जमाती है। बहुत से लोग तो ऐसे हैं जो नवरात्रि का इंतजार ही इसलिए करते हैं क्योंकि इस दौरान उन्हें गरबा खेलने, रंग-बिरंगे कपड़े पहनने की अवसर मिलेगा।

2. गुजरात

2. गुजरात

भारत का पश्चिमी प्रांत गुजरात तो वैसे ही गरबे की धूम के लिए अपनी अलग पहचान रखता है लेकिन अब तो भारत समेत पूरे विश्व में नवरात्रि के पावन दिनों में गरबा खेला जाता है।

3. गरबा खेलने की शुरुआत

3. गरबा खेलने की शुरुआत

ये सब तो बहुत कॉमन बातें हैं जो अमूमन सभी लोग जानते हैं। गरबा खेलना और गरबे की रौनक का आनंद उठाना तो ठीक है लेकिन क्या आप जानते हैं कि गरबा खेलने की शुरुआत कहाँ से हुई और नवरात्रि के दिनों में ही इसे क्यों खेला जाता है?

4. गरबा और नवरात्रि का कनेक्शन

4. गरबा और नवरात्रि का कनेक्शन

गरबा और नवरात्रि का कनेक्शन आज से कई वर्ष पुराना है। पहले इसे केवल गुजरात और राजस्थान जैसे पारंपरिक स्थानों पर ही खेला जाता था लेकिन धीरे-धीरे इसे पूरे भारत समेत विश्व के कई देशों ने स्वीकार कर लिया।

5. गरबे का अर्थ 

5. गरबे का अर्थ 

गरबा के शाब्दिक अर्थ पर गौर करें तो यह गर्भ-दीप से बना है। नवरात्रि के पहले दिन छिद्रों से लैस एक मिट्टी के घड़े को स्थापित किया जाता है जिसके अंदर दीपक प्रज्वलित किया जाता है और साथ ही चांदी का एक सिक्का रखा जाता है। इस दीपक को दीपगर्भ कहा जाता है।

6.गर्भ दीप स्त्री की सृजनशक्ति का प्रतीक है 

6.गर्भ दीप स्त्री की सृजनशक्ति का प्रतीक है 

दीप गर्भ के स्थापित होने के बाद महिलाएं और युवतियां रंग-बिरंगे कपड़े पहनकर मां शक्ति के समक्ष नृत्य कर उन्हें प्रसन्न करती हैं। गर्भ दीप स्त्री की सृजनशक्ति का प्रतीक है और गरबा इसी दीप गर्भ का अपभ्रंश रूप है।

7. डांडिया

7. डांडिया

गरबा नृत्य में महिलाएं ताली, चुटकी, डांडिया और मंजीरों का प्रयोग भी करती हैं। ताल देने के लिए महिलाएं दो या फिर चार के समूह में विभिन्न प्रकार से ताल देती हैं। इस दौरान देवी शक्ति और कृष्ण की रासलीला से संबंधित गीत गाए जाते हैं।

8. माँ अम्बे को प्रिय है गरबा 

8. माँ अम्बे को प्रिय है गरबा 

गुजरात के लोगों का मानना है, माँ अम्बे को गरबा बहुत प्रिय है इसीलिए उन्हें प्रसन्न करने की लिए गरबा खेला जाता है।  

9. ईश्वर की आराधना 

9. ईश्वर की आराधना 

हिन्दू धर्म में ईश्वर की आराधना करने के लिए भजन और आरती की जाती है जिसे सिर्फ पढ़ा नहीं बल्कि संगीत और वाद्य यंत्रों के साथ गाया भी जाता है। भक्तिरस से परिपूर्ण गरबा भी मां अंबा की भक्ति का तालियों और सुरों से लयबद्ध एक माध्यम है।

10. तीन ताली का रहस्य 

10. तीन ताली का रहस्य 

आपने देखा होगा कि जब महिलाएं समूह बनाकर गरबा खेलती हैं तो वे तीन तालियों का प्रयोग करती हैं। इसके पीछे भी एक महत्वपूर्ण कारण विद्यमान है। क्या कभी आपने सोचा है गरबे में एक-दो नहीं वरन् तीन तालियों का ही प्रयोग क्यों होता है?

11. त्रिमूर्ति 

11. त्रिमूर्ति 

ब्रह्मा, विष्णु, महेश, देवों की इस त्रिमूर्ति के आसपास ही पूरा ब्रह्मांड घूमता है। इन तीन देवों की कलाओं को एकत्र कर शक्ति का आह्वान किया जाता है।

इस स्टोरी को अपने सारे दोस्तों को शेयर करो जो गरबा तो खेलने जाते हैं मगर उन्हें इसकी जानकारी नहीं है। आपको यह जानकारी कैसी लगी जरुर बताइयेगा, मैं लोकेन्द्र शर्मा आपके बीच ऐसी कई रोचक जानकारियां लाता रहूँगा।



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