Share this post

user icon

Live

People Reading

This story now

असल मायनों में 'Creativity' का मतलब जानना चाहते हो, तो नवरात्री में कोलकाता चले जाओ  

कोलकाता में इन दिनों दुर्गा पूजा की धूम है, दुर्गा पूजा त्यौहार का धार्मिक और ऐतिहासिक दोनों ही महत्व है। दुर्गा पूजा को सांस्कृतिक उत्सव के रूप में बड़े पैमाने पर मनाया जाता है, सारी दुनिया भर से लोग इस त्यौहार को मनाने के लिए कुमारतुली में जमा हो जाते हैं। हिन्दू पौराणिक कथाओं के अनुसार इस दिन माँ दुर्गा, भगवान शिव और उनके चार बच्चों के साथ स्वर्ग से धरती पर रहने आई थी। 10 दिनों तक चलने वाले इस त्यौहार को बंगाली बड़ी धूम-धाम और उत्साह से मनाते हैं।  

असल मायनों में 'Creativity' का मतलब जानना चाहते हो, तो नवरात्री में कोलकाता चले जाओ  

असल मायनों में 'Creativity' का मतलब जानना चाहते हो, तो नवरात्री में कोलकाता चले जाओ  

754 396
  in Creative

10 दिनों के इस त्यौहार की शुरुआत होती है अगोमोनी से 

10 दिनों के इस त्यौहार की शुरुआत होती है अगोमोनी से 

बंगाल में चलने वाले इस 10 दिनों के त्यौहार की शुरुआत अगोमोनी से होती है जिसका मतलब होता है "गृह प्रवेश" इस दिन से कोलकाता के कुमारतुली के कलाकार अपनी तैयारी में लग जाते हैं। कलकत्ता के बड़े-बड़े पंडालों में जिस दुर्गा की प्रतिमा की पूजा होती है, उसे इन्हीं कलाकारों ने बनाया होता है।     

इस बार कलकत्ता की संस्कृति आपके लिए जादू ले कर आई है 

इस बार कलकत्ता की संस्कृति आपके लिए जादू ले कर आई है 

इस साल जब आप कुमारतुली की गलियों में घूमेंगे तब आपको एहसास होगा कि इस बार कलकत्ता की संस्कृति आपके लिए क्या जादू ले कर आई है।जब हम उत्तरी कोलकाता के शोवाबाजार के पास से गुजरते हैं तब हम कलकत्ता के कलाकारों की असली कला को देखते हैं।  

गंगा की मिट्टी की अद्भुत महक 

गंगा की मिट्टी की अद्भुत महक 

उत्तरी कोलकाता के इस बहुत ही छोटे से कोने की तरफ अगर हम ध्यान दें, तो यहाँ गंगा नदी के तट से, गीली मिट्टी की मादक गंध के सिवा और कुछ नहीं मिलता। मगर इसी मिट्टी से खुबसूरत मूरत का निर्माण होता है, जो अपनी महक से पूरी दुनिया को महकाती है।


एक ही जगह काम करते हैं 100 से ज्यादा कारीगर 

एक ही जगह काम करते हैं 100 से ज्यादा कारीगर 

इस क्षेत्र में 100 से अधिक कारीगर रहते हैं, जो मिलकर एक ही जगह काम करते हैं।उनकी कार्यशाला के बाहर रखी मूर्तियों को देख कर यह समझना बिलकुल कठिन नहीं है कि वह किस दर्जे के कलाकार हैं।

कितना मुश्किल होता है किसी को आकार देना 

कितना मुश्किल होता है किसी को आकार देना 

कितना मुश्किल होता है किसी को आकार देना,पहले मूर्ति के हाथ बनाओ फिर पैर, फिर सिर, फिर इंतजार करो। फिर उन मूर्तियों में भाव पैदा करना। अपनी आँखों से उन कलाकारों को यह सब करते हुए देखना एक सुखद आनंद की अनुभूति थी। 

आज दुर्गा पूजा के नाम पर व्यापार होता है 

आज दुर्गा पूजा के नाम पर व्यापार होता है 

आज दुर्गा पूजा सिर्फ एक त्यौहार नहीं है, बल्कि यह एक बड़े बिजनेस में तब्दील हो गया है। खाने से ले कर कपड़े,गेजेट्स सब कुछ यहाँ इस समय दुर्गा पूजा के नाम से बेचा जाता है। मगर एक सच यह भी है, इन मूर्तियों में यहाँ के कारीगरों का खून पसीना भी मिला है।    

मिट्टी की मूरत में डालते हैं यह प्राण 

मिट्टी की मूरत में डालते हैं यह प्राण 

इन गलियों में चल कर गीली मिट्टी से बनी इन मूर्तियों को देख कर लगा कि सोचने की कोई सीमा नहीं है। जिस दुनिया में लोग पत्थरों के हो चुके हैं। उस दुनिया में मूर्तियों को जिवंत करना सच-मुच एक अद्भुत कला है।

कलकत्ता के कुमारतुली की गलियों में घूम कर, एक बात तो साबित हो गई, जो creativity यहाँ के कलाकारों में है, वह creativity दुनिया के किसी कलाकारों में नहीं है।   

Loved this? Spread it out then

comments Comment ()

Post as @guest useror
clear

clear
arrow_back

redo Pooja query_builder {{childComment.timeAgo}}

clear

clear
arrow_back

Be the first to comment on this story.

Report

close

Select you are Reporting

expand_more
  • +2351 Active user
Post as @guest useror

NSFW Content Ahead

To access this content, confirm your age by signing up.