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भारत के सर्जिकल स्ट्राइक के पीछे है अजीत डोभाल का दिमाग, जानें कैसे 

हाल ही में भारत के द्वारा पाक अधिकृत कश्मीर में किया गया सर्जिकल स्ट्राइक भारत की तरफ से आतंकवाद को एक मुँह तोड़ जवाब था। भारत के इस कदम को हाल ही में हुए उरी हमले की जवाबी कार्यवाही के तौर पर देखा जा रहा है।

परंतु कुछ लोगों का यह भी कहना है कि उरी हमले के करीब 2 हफ्ते बाद अचानक भारत ने इस अभियान को अंजाम क्यों दिया? तो आइये जानते हैं इसी एक सवाल का विस्तृत जवाब। 

भारत के सर्जिकल स्ट्राइक के पीछे है अजीत डोभाल का दिमाग, जानें कैसे 

भारत के सर्जिकल स्ट्राइक के पीछे है अजीत डोभाल का दिमाग, जानें कैसे 

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अचानक नहीं हुआ है हमला 

अचानक नहीं हुआ है हमला 

सबसे पहले हम यह बात आपके सामने स्पष्ट कर दें कि भारत का यह अभियान अचानक या छोटे समय अंतराल में की गई तैयारी का नतीजा नहीं है। दरअसल उरी हमले के बाद जिस समय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल नें 'वॉर रूम' में प्रवेश किया उसके बाद से ही इस अभियान की रूपरेखा बननी शुरू हो चुकी थी। 

डोभाल नें संभाल रखी है कमान 

डोभाल नें संभाल रखी है कमान 

भारत की तरफ से ऐसे सभी मामले सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल की नजर में ही रखे जाते हैं। ख़ास तौर पर पड़ोसी मुल्क से जुड़े सभी मसले अजीत डोभाल व्यक्तिगत तौर पर संभालते हैं। भारत के सबसे बेहतरीन जासूस रह चुके डोभाल के पास ऐसे मामलों से निपटने का ख़ास तजुर्बा रहा है। शायद यही वजह है कि इन मामलों में डोभाल के कन्धों पर ही कार्यभार डाला जाता है, जिसका वे काफी अच्छी तरह से निर्वहन भी करते हैं। 

मोदी नें कहा था 'इस हमले में लिप्त लोगों को भारी कीमत चुकानी होगी'

मोदी नें कहा था 'इस हमले में लिप्त लोगों को भारी कीमत चुकानी होगी'

उरी हमले के बाद जब भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नें चुप्पी तोड़ी थी तो उनके शब्द थे "भारत की धरती पर हुए इन हमलों में लिप्त लोगों को इसकी भारी कीमत चुकानी होगी।" इसके बाद से ही डोभाल भारतीय सेना के आला अधिकारियों के साथ लगातार आगे की योजना में काम कर रहे थे। 

भारतीय सेना के ऐसे कदम की थी उम्मीद 

भारतीय सेना के ऐसे कदम की थी उम्मीद 

उरी हमले के बाद भारतीय सेना नें लोगों के सामने चुप्पी तोड़ते हुए कहा था कि गुनाहगारों को शहीदों की मौत की कीमत चुकानी पड़ेगी। इसके अलावा सेना के एक अन्य बयान के बाद से ही सर्जिकल स्ट्राइक जैसे किसी हमले की आशंका जताई जा रही थी। भारतीय सेना की तरफ से कहा गया था कि जब हम इसका जवाब देंगे तो वक़्त भी हमारा होगा और जगह भी हम चुनेंगे। 

डोभाल को रहा है काफी अनुभव 

डोभाल को रहा है काफी अनुभव 

यदि भारतीय राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के अतीत में नजर डाली जाए तो इन्हें इस तरह के मुद्दों का काफी अच्छा अनुभव रहा है। ऑपरेशन ब्लू स्टार में डोभाल नें अपनी चतुराई व देशप्रेम का प्रमाण पहले ही दे दिया था। इसके अलावा डोभाल जासूस के तौर पर लंबे समय तक अन्य देशों में कार्य कर चुके हैं एवं आज भी इनके कुछ सूत्रधर विभिन्न देशों में तैनात हैं। 

सेना जुटा रही थी अहम् जानकारियाँ 

सेना जुटा रही थी अहम् जानकारियाँ 

उरी में भारतीय सेना को हुए नुकसान के बाद से ही डोभाल व सेना के अन्य उच्चाधिकारी हरकत में आ चुके थे। हमले के बाद जब भारतीय कार्यवाही की रूपरेखा बनाई गई उसके बाद से ही भारतीय सेना अपने सभी सूत्रों के द्वारा अहम् व पुख्ता जानकारियाँ जुटाने में लगी हुई थी। ये सभी जानकारियाँ भारत के अंतिम कदम के लिए महत्वपूर्ण साबित हुईं। 

और अंत में भारत नें किया पलटवार 

और अंत में भारत नें किया पलटवार 

सारी तैयारी होने के बाद आखिरकार भारतीय सेना ने बुधवार की रात इस अभियान को अंजाम दिया। भारतीय सेना के करीब 120 पैराकमांडो इसमें शामिल हुए एवं रात 12:30 बजे से सुबह 4 बजे के बीच अभियान को सफलतापूर्वक संपन्न कर वापस अपने वतन लौट आये। 

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