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यहाँ बनती है बेटी बाप की दुल्हन

हमने तो अक्सर देखा है शादी होने के बाद बेटी अपने माँ-बाप के घर से विदा होकर ससुराल जाती है। एक बाप बेटी को अपने घर से विदा करता है। ऐसे ही दुनियाभर में शादी से जुड़ी अनेकों परंपराएं हैं। लेकिन एक ऐसी भी जगह है जहां बेटियों की शादी अपने बाप से ही होती है। शायद आपको विश्वास ना हो लेकिन लेकिन बांग्लादेश के मंडी जनजाति में ऐसी ही परंपरा है। यहां शुरू से ही मंडी जनजाति के लोग इस परंपरा को निभाते आ रहे है।

यहाँ बनती है बेटी बाप की दुल्हन

यहाँ बनती है बेटी बाप की दुल्हन

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बचपन से ही बेटी देखती है पिता के साथ शादी के सपने 

बचपन से ही बेटी देखती है पिता के साथ शादी के सपने 

हर लड़की का सपना होता है उसका पति उसके पिता के जैसा हो मगर बांग्लादेश की मंडी जनजाती की लड़कियां बचपन से ही अपने पिता के साथ शादी करने के सपने देखती हैं। 

ओरोला डॉलबोट के पिता की मौत बचपन में ही हो गई थी

ओरोला डॉलबोट के पिता की मौत बचपन में ही हो गई थी

ब्रिटिश समाचार पत्र द गार्जियन के लिए रिपोर्टर एबिगेल हावर्थ ने बांग्लादेश के सेंट्रल फॉरेस्ट रीजन मोधोपुर में रहने वाले एक परिवार से भेंट की। तीस साल की ओरोला डॉलबोट के पिता की मौत तब हो गई थी, जब वे बहुत छोटी थी।

बचपन से ही करती थी ओरोला अपने पिता को पसंद

बचपन से ही करती थी ओरोला अपने पिता को पसंद

पिता की मौत के बाद ओरोला की माँ ने दूसरी शादी नॉटेन नाम के आदमी से की। ओरोला ने बताया जब वे तीन वर्ष की थी तब से वे अपने पिता नॉटेन को बहुत पसंद करती थी। कभी-कभी वे यह भी सोचती थी कि उनकी माँ कितनी भाग्यशाली है कि उन्हें दूसरी बार नॉटेन जैसा पति मिला है।

किशोर अवस्था में आने के बाद ओरोला को पता चला उसके पिता ही उसके पति हैं

किशोर अवस्था में आने के बाद ओरोला को पता चला उसके पिता ही उसके पति हैं

ओरोला ने बताया कि जब वे किशोर अवस्था की हुईं तब उन्हें बताया गया कि नॉटेन उसके भी पति हैं। यह बड़ी विचित्र बात है कि जिस आदमी को वे अपना पिता मान रही थी, वह मात्र तीन वर्ष की उम्र से उनका पति भी था।

माँ और बेटी की शादी एक ही मंडप में करवा दी जाती है। 

माँ और बेटी की शादी एक ही मंडप में करवा दी जाती है। 

बांग्लादेश के इस क्षेत्र में इस तरह की परम्परा है और इसका तब पालन किया जाता है जबकि किसी महिला का पति कम उम्र में ही दिवंगत हो जाता है। ऐसी हालत में महिला को अपने ही खानदान के किसी कम उम्र के आदमी से विवाह करना होता है। ओरोला की माँ के साथ भी यही हुआ और कम उम्र के नए पति की शादी उसकी होने वाली पत्नी की बेटी से भी करवा दी जाती है। माँ और बेटी की शादी एक ही मंडप में करवा दी जाती है।


क्यों करवाई जाती है बेटी की बाप से शादी

क्यों करवाई जाती है बेटी की बाप से शादी

ऐसा माना जाता है कि कम उम्र का पति नई पत्नी और उसकी बेटी का भी पति बनकर दोनों को लम्बे समय तक सुरक्षा दे सकता है। इसी परम्परा के कारण जहां ओरोला को नॉटेन से तीन बच्चे हैं वहीं उसकी माँ को नॉटेन से दो बच्चे हैं। माँ-बेटी दोनों एक ही पति के साथ रहती हैं।

माँ-बेटी बन जाती हैं एक दूसरे की सौतन 

माँ-बेटी बन जाती हैं एक दूसरे की सौतन 

इस परम्परा के चलते माँ और बेटी के रिश्ते वैसे नहीं रह पाते हैं जैसे कि सामान्य परिस्थितियों में रहते हैं। इस कारण से ओरोला और उसकी माँ के बीच भी संबंध तनावपूर्ण रहते हैं और दोनों एक ही पति के कारण एक दूसरे को पसंद नहीं करती हैं। भारत और बांग्लादेश में मंडी जनजाति के करीब बीस लाख लोग रहते हैं। इस समुदाय के लोगों को गारो के नाम से भी जाना जाता है।

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