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दो बेटों के शहीद होने पर पिता नें कही ऐसी बात जिसे सुनकर आप हैरान हो जाएंगे 

'शहीदों की चिताओं पर हर बरस लगेंगे मेले, वतन पर मिटने वालों का यही बाकी निशां होगा'

हम बचपन से यह लाइन सुनते आ रहे हैं और हमें लगता है कि यह लाइन एक हद तक सही है, मगर हम ऐसे कब तक देखते रहेंगे, आखिर कब तक हमारे देश के जवान सरहद पर यूँ ही शहीद होते रहेंगे, आखिर कब तक? सरकार को आज जरुरत है कि वह शहीद हो रहे हमारे जवानों के लिए राजनीति से ऊपर आकर कदम उठाये।

यदि कोई अपने जवान बेटे को खो दे तो उस पिता पर क्या गुजरती है यह शायद ही कोई समझ सके। आईये हम आज आपको ऐसे ही एक शहीद के पिता की जुबान से निकली कुछ ऐसी बातें बताने वाले हैं जिसको पढ़ कर  आप हैरान हो जायेंगे।

दो बेटों के शहीद होने पर पिता नें कही ऐसी बात जिसे सुनकर आप हैरान हो जाएंगे 

दो बेटों के शहीद होने पर पिता नें कही ऐसी बात जिसे सुनकर आप हैरान हो जाएंगे 

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शहादत को सलाम 

शहादत को सलाम 

सबसे पहले मैं उन सभी जवानों को सलाम करना चाहूंगा जिन्होंने उरी हमले में अपनी जान गंवाई है, हम सभी आप लोगों की शहादत को कभी नहीं भूलेंगे। हम सभी आपके शुक्रगुज़ार है जो आपने हमें सुरक्षित रखने के लिए अपनी जान गंवाई। 

 अमर शहीद के वीर पिता 

 अमर शहीद के वीर पिता 

यह हैं शहीद हवलदार अशोक कुमार सिंह के पिता जिनका नाम जगनारायण सिंह है। पिछले 20 साल से इनकी आँखों की रोशनी नहीं है फिर भी इनके हौसले का जवाब नहीं। इन्होंने ऐसी बात कह दी जिसको पढ़कर आप ना केवल हैरान हो जाएंगे बल्कि आपकी आँखें भी भीग जाएंगी। 

पाकिस्तान से लड़कर लेना चाहता हूँ बदला

पाकिस्तान से लड़कर लेना चाहता हूँ बदला

उरी में शहीद हुए हवलदार अशोक के पिता ने कहा कि "मुझे मेरी आँखों की रोशनी वापस चाहिए, मैं पाकिस्तानियों से लड़ना चाहता हूँ, मैं अपने बेटे का बदला लेना चाहता हूँ।" 

पहले बेटे को भी किया देश के लिए कुर्बान 

पहले बेटे को भी किया देश के लिए कुर्बान 

जगनारायण जी के लिए सबसे ज्यादा दुख की बात ये है कि उन्होंने 30 साल में अपने दो बेटों को शहीद होते देखा है, इससे पहले बीकानेर में हुए बम धमाके में उन्होनें अपने पहले बेटे को खो दिया था।

"कुछ नही चाहिए, हमको हमारे पति और 17 जवानों का बदला चाहिए" 

"कुछ नही चाहिए, हमको हमारे पति और 17 जवानों का बदला चाहिए" 

जब शहीद अशोक की पत्नी को पता चला कि उनके पति अब इस दुनिया में नहीं रहे तो मानो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई हो। वे बेहोश हो गईं। पास के अस्पताल में उनको ग्लूकोस चढ़ाया गया। उन्होंने मीडिया वालों से कहा कि मुझे सरकार के तरफ से कोई मदद नहीं चाहिए, मुझे बस बदला चाहिए।

ये हैं हमारे वीर शहीद 

ये हैं हमारे वीर शहीद 

हाल ही में हुए उरी हमले में हवलदार अशोक की ही तरह 18 वीर सैनिक भारत नें खो दिए हैं। हम उम्मीद करते हैं कि हमारे इन भाइयों के परिवार वालों को जल्द ही इंसाफ मिलेगा एवं आने वाले समय में भारतीय जवानों को अपनी जान नहीं गँवानी पड़ेगी। 

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