Share this post

सिर्फ इस एक बात में है सारी मोहब्बत का राज़ 

अक्सर सुना होगा कि इत्र बनाने वाले के हाथ में खुशबू रह जाती है

वैसे ही कुछ हमारी ज़िन्दगी के साथ भी है। हम जितना दूसरों को खुशियाँ दे पाते हैं, हमारी झोली भी उतनी ही खुशियों से भरी रहती है। एक उदाहरण मुझे याद आ रहा है जुलाहे का, अगर आपने किसी जुलाहे को बुनते हुए देखा होगा तो शायद आप समझ पाऐं कि गाँठ आ जाने से कुछ भी ख़त्म नहीं होता। गिरहें पड़ जाने के बावजूद भी कारीगरी उतनी ही खूबसूरत तैयार होती है। जैसे गुलज़ार साहब की ये एक नज़्म पढ़िए एवं इस लेख के आखिर में वो एक बात आसानी से पता चल जाएगी।

मुझको भी तरक़ीब सिखा कोई यार जुलाहे!

अक्सर तुझको देखा है बुनते 

जब कोई तागा टूट गया या ख़त्म हुआ 

फिर से बांध के

और सिरा कोई जोड़ के उसमें 

आगे बुनने लगते हो 

तेरे इस ताने में लेकिन 

इक भी गाँठ गिरह बुनकर की 

देख नहीं सकता है कोई 


मैंने तो इक बार बुना था 

एक ही रिश्ता 

लेकिन उसकी सारी गिरहें 

साफ़ नज़र आती है। 

यार जुलाहे!

सिर्फ इस एक बात में है सारी मोहब्बत का राज़ 

सिर्फ इस एक बात में है सारी मोहब्बत का राज़ 

754 396
logo
  in Lifestyle

अक्सर जुलाहे को बुनते हुए देखा होगा।

अक्सर जुलाहे को बुनते हुए देखा होगा।

बुनते-बुनते कई बार धागे टूट जाया करते हैं। 

बुनते-बुनते कई बार धागे टूट जाया करते हैं। 

बुनकर उन्हीं धागों को जोड़कर, फिर बुनना शुरू कर देता है।

बुनकर उन्हीं धागों को जोड़कर, फिर बुनना शुरू कर देता है।

और अन्त में खूबसूरत कारीगरी हमारे सामने होती है।

और अन्त में खूबसूरत कारीगरी हमारे सामने होती है।

उसी तरह रिश्तों में दरारें आ जाये तो कमज़ोर पड़ जाते हैं

उसी तरह रिश्तों में दरारें आ जाये तो कमज़ोर पड़ जाते हैं

मेरे दोस्त! इनमें गिरह पड़ भी जाये, तो इन्हें ख़त्म ना करें

मेरे दोस्त! इनमें गिरह पड़ भी जाये, तो इन्हें ख़त्म ना करें

बस ज़रूरत है साथ जोड़ कर रखने की, बाक़ी तो सब आसान हो ही जाना है।

बस ज़रूरत है साथ जोड़ कर रखने की, बाक़ी तो सब आसान हो ही जाना है।

Loved this? Spread it out then

Report

close

Select you are Reporting

expand_more
  • GreenPear
  • GreenPear
  • GreenStrawberry
  • GreenStrawberry
  • RedApple
  • RedApple
  • +2351 Active user
Post as @guest useror