Share this post

user icon

Live

People Reading

This story now

इतिहास की सबसे खुबसूरत महिला को क्यों मिली यह भयानक सज़ा?  

खुबसूरत

यह नाम सुनते ही आँखों के सामने कई चेहरे आने लग जाते हैं। हम सब समझते हैं खूबसूरती भगवान का दिया हुआ वरदान है, जो हर किसी को नहीं मिलता।

मगर यही वरदान किसी के लिए अभिशाप बन जाए तो? अगर यही वरदान आपके जीवन को एक गहरे दल-दल में डाल दे तो? सुनकर ही रोंगटे खड़े हो जाते हैं ना! तो फिर सोचो जिसने इस भयानक दर्द को सहा है उन पर क्या बीती होगी। 

आइये जानते हैं "इतिहास की सबसे खुबसूरत महिला को, क्यों मिली यह भयानक सज़ा" ? 

इतिहास की सबसे खुबसूरत महिला को क्यों मिली यह भयानक सज़ा?  

इतिहास की सबसे खुबसूरत महिला को क्यों मिली यह भयानक सज़ा?  

754 396
  in History

आम के पेड़ के नीचे मिली एक खुबसूरत बच्ची 

आम के पेड़ के नीचे मिली एक खुबसूरत बच्ची 

वैशाली नगर के एक दंपति को पेड़ के निचे एक बेहद खुबसूरत बच्ची रोती हुई मिली। इतनी खूबसूरती उन्होंने आज तक किसी में नहीं देखी थी। बड़ी-बड़ी आँखे और खुबसूरत आकर्षक चेहरा, वो दंपति चाहकर भी अपने आपको रोक नहीं पाए और उसे अपने साथ अपने घर ले आए चूँकि वो आम के पेड़ के निचे से मिली थी इसीलिए उसका नाम "आम्रपाली" रखा गया।      

जैसे-जैसे वो बड़ी हुई, मुसीबत भी बढ़ती गई 

जैसे-जैसे वो बड़ी हुई, मुसीबत भी बढ़ती गई 

आम्रपाली जैसे-जैसे बड़ी हुई उसका सौंदर्य चरम पर पहुंचता गया, उसकी वो बड़ी-बड़ी आँखे और बेहद आकर्षक काया।  जो भी उसे देखता था बस उसका हो कर रहे जाता था, वह चाहकर भी अपनी नजरें उस पर से हटा नहीं पाता था। जो उसे एक बार देख लेता था, वह किसी और लड़की में दिलचस्पी रख ही नहीं पाता था  

वैशाली का हर आदमी बस उसे ही पाना चाहता था 

वैशाली का हर आदमी बस उसे ही पाना चाहता था 

वो भी दूसरी लडकियों की तरह खुश रहना चाहती हँसना चाहती थी, खिल- खिलाना चाहती थी। मगर उसकी खूबसूरती उसे यह सब नहीं करने दे रही थी। वो इतनी खुबसूरत थी जिसकी वजह से वैशाली का हर पुरुष उसे अपनी दुल्हन बनाने के लिए बेताब रहने लगा। लोगों में आम्रपाली की दीवानगी इस हद तक थी की वो उसको पाने के लिए किसी भी हद तक जा सकते थे।   

माता-पिता की चिंता 

माता-पिता की चिंता 

यही सबसे बड़ी समस्या थी। आम्रपाली के माता-पिता जानते थे की आम्रपाली को जिसको भी सौपा गया तो बाकी के लोग उनके दुश्मन बन जाएंगे और वैशाली में खून की नदिया बह जाएंगी। इसीलिए वह किसी भी नतीजे पर नहीं पहुंच पा रहे थे।

इस समस्या से छुटकारा पाने के लिए सभा बुलाई गई 

इस समस्या से छुटकारा पाने के लिए सभा बुलाई गई 

इसी समस्या का हल खोजने के लिए एक दिन वैशाली में सभा का आयोजन हुआ। इस सभा में मौजूद सभी पुरुष आम्रपाली से विवाह करना चाहते थे जिसकी वजह से कोई निर्णय लिया जाना मुश्किल हो गया था। इस समस्या के समाधान हेतु अलग-अलग विचार प्रस्तुत किए गए लेकिन कोई इस समस्या को सुलझा नहीं पाया।

सर्वसम्मति से बना दी गई वैश्या  

सर्वसम्मति से बना दी गई वैश्या  

लेकिन अंत में जो निर्णय लिया गया उसने आम्रपाली की तकदीर को अंधेरी खाइयों में धकेल दिया। सर्वसम्मति के साथ आम्रपाली को नगरवधू यानि वेश्या घोषित कर दिया गया। ऐसा इसीलिए किया गया क्योंकि सभी जन वैशाली के गणतंत्र को बचाकर रखना चाहते थे। लेकिन अगर आम्रपाली को किसी एक को सौंप दिया जाता तो इससे एकता खंडित हो सकती थी। नगर वधू बनने के बाद हर कोई उसे पाने के लिए स्वतंत्र था।  इस तरह गणतंत्र के एक निर्णय ने उसे भोग्या बनाकर छोड़ दिया।

गणतंत्र वैशाली के क़ानून के तहत आम्रपाली को राजनर्तकी बनना पड़ा।

गणतंत्र वैशाली के क़ानून के तहत आम्रपाली को राजनर्तकी बनना पड़ा।

और इसी तरह मात्र 11 वर्ष की छोटी-सी उम्र में ही आम्रपाली को सर्वश्रेष्ठ सुंदरी घोषित कर 'नगरवधु' या 'जनपद कल्याणी' बना दिया गया था। इसके बाद गणतंत्र वैशाली के क़ानून के तहत आम्रपाली को राजनर्तकी बनना पड़ा।

Loved this? Spread it out then

comments Comment ()

Post as @guest useror
clear

clear
arrow_back

redo Pooja query_builder {{childComment.timeAgo}}

clear

clear
arrow_back

Be the first to comment on this story.

Report

close

Select you are Reporting

expand_more
  • +2351 Active user
Post as @guest useror

NSFW Content Ahead

To access this content, confirm your age by signing up.