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7 गलतियाँ "कभी ख़ुशी कभी ग़म" में जो हम शर्त लगा सकते हैं आपने कभी नोटिस नहीं करी होगी

आज हम एक बार फिर बार करेंगे बॉलीवुड के जाने माने डायरेक्टर - प्रोड्यूसर करन जौहर के बारे में हम सब मन ही मन सोचते होंगे की वे बहुत बड़े डायरेक्टर हैं वे अपनी फिल्मों में गलती कर ही नहीँ सकते होंगे पर ऐसा नही हैं वे भी इंसान ही हैं और गलती इंसानो से ही होती हैं।

विटीफीड आज उन्हीं की कुछ गलतियों पर प्रकाश डालेगा, पिछली बार हमने फिल्म "कुछ कुछ होता है" में कुछ-कुछ गलतियाँ दिखाई थी इस बार कभी ख़ुशी कभी गम की बारी। तो चलिए शुरू करते हैं।

7 गलतियाँ 'कभी ख़ुशी कभी ग़म' में जो हम शर्त लगा सकते हैं आपने कभी नोटिस नहीं करी होगी

7 गलतियाँ 'कभी ख़ुशी कभी ग़म' में जो हम शर्त लगा सकते हैं आपने कभी नोटिस नहीं करी होगी

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1. वर्ष 1991 में अमिताभ बच्चन जया बच्चन के लिए "आती क्या खंडाला" सॉन्ग गा सकते थे ?

1. वर्ष 1991 में अमिताभ बच्चन जया बच्चन के लिए

हमारी समस्या है? फिल्म गुलाम 1998 तक जारी नहीं किया था और फ्लैशबैक भाग जब अमिताभ गाता है 1991 में स्थापित किया गया था।

2. शाहरुख़ खान के लिए 10 सालो में 1 ही जोड़ी जूते की व्यवस्था हो पायी थी। 

2. शाहरुख़ खान के लिए 10 सालो में 1 ही जोड़ी जूते की व्यवस्था हो पायी थी। 

जी हाँ, हम मजाक नहीं कर रहे वो बात अलग हैं कि पिता की धन दौलत त्यागना बड़ा मुश्किल का काम रहा होगा उनके लिए पर फिर भी 1 जोड़ी जूते लेना पृथ्वी खरीदने जितना मुश्किल नहीं है।

3. जूनियर रोहन के पास केवल 10 उँगलियाँ हैं उसके हाथो में। 

3. जूनियर रोहन के पास केवल 10 उँगलियाँ हैं उसके हाथो में। 

उसके बाद जब रोहन बड़ा होता हैं तो उसकी एक एक्स्ट्रा ऊँगली आ जाती हैं। जादू, क्या ये तुम हो ?

4. अमिताभ बच्चन के पास 90's के दशक में LCD प्लास्मा टीवी था। 

4. अमिताभ बच्चन के पास 90's के दशक में LCD प्लास्मा टीवी था। 

यहाँ प्रौद्योगिकी का पूरी तरीके से आविष्कार भी नही किया गया है। सच्ची बात, और हमारे देश के बड़े-बड़े उद्योगपतियों को सारी चीज़ समय से पहले ही मिल जाती हैं।

5. यही कारण है एलसीडी टीवी चैनल सीएनबीसी चलाये। 

5. यही कारण है एलसीडी टीवी चैनल सीएनबीसी चलाये। 

क्षमा करें, लेकिन चैनल और लंगर स्टॉक्स ( सेंथिल चेंगलवरायण ) न आने के कारण चैनल का विश्लेषण नहीं हो सकता।

6. अमिताभ बच्चन एक नोकिया कम्यूनिकेटर के अधीन दे जबकि 1998 में उसका आविष्कार भी नहीं हुआ था। 

6. अमिताभ बच्चन एक नोकिया कम्यूनिकेटर के अधीन दे जबकि 1998 में उसका आविष्कार भी नहीं हुआ था। 

ये लोग बहुत अमीर थे, ये लोग बहुत ही ज्यादा अमीर थे, ये इतने अमीर थे की इन्होंने अपनी टाइम मशीन ही बना ली। हाहाहाहा।

7. करीना के जूते खुद जादू से पार्टी के हिसाब से अपने आप को मैच करते हुए। 

7. करीना के जूते खुद जादू से पार्टी के हिसाब से अपने आप को मैच करते हुए। 

हृतिक के ताना मारने के बाद की दो अलग जूते पहनना शायद नया ट्रेन्ड है, करीना बिना ऊपर जाए पार्टी की तरफ अपने बॉयफ्रेंड के साथ निकल जाती हैं और पार्टी में उनके जूते बदल जाते हैं। वाह !

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