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जब 'डॉन' मिले थे 'सचिन' से, कुछ बातें जो जानना चाहिए क्रिकेट के हर प्रशंसक को

आज से 108 वर्ष पूर्व आज ही के दिन एक ऐसी शख्सियत ने जन्म लिया था जिसे क्रिकेट की दुनिया में 'द डॉन' के नाम से जाना जाता है। निर्विवाद रूप से सर डोनाल्ड ब्रेडमैन सिर्फ ऑस्ट्रेलिया के ही नहीं बल्कि विश्व के सर्वकालिक महान बल्लेबाज के रूप में देखे जाते हैं। क्रिकेट में उनके बाद यदि किसी का नाम लिया जाता है तो वो हैं 'सचिन रमेश तेंदुलकर'।
आज सर डॉन के जन्मदिवस की 108 वी सालगिरह में आइये जानते हैं इन दोनों दिग्गजों से जुड़ी कुछ बातें:

जब 'डॉन' मिले थे 'सचिन' से, कुछ बातें जो जानना चाहिए क्रिकेट के हर प्रशंसक को

जब 'डॉन' मिले थे 'सचिन' से, कुछ बातें जो जानना चाहिए क्रिकेट के हर प्रशंसक को

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  in Sports

1. सर डॉन ब्रेडमैन


1. सर डॉन ब्रेडमैन

इस महान शख्स का जन्म 27 अगस्त 1908 के दिन न्यू साउथ वेल्स ऑस्ट्रेलिया में हुआ था। 1928 से 1948 के बीच गेंदबाजों के बीच ख़ौफ़ बन क्र खेलने वाले सर डॉन नें 52 टेस्ट मुकाबलों में 6996 रन बनाये हैं।

2. सर्वश्रेष्ठ औसत के कोई करीब भी नहीं,

2. सर्वश्रेष्ठ औसत के कोई करीब भी नहीं,

सर डॉन ब्रेडमैन नें अपने टेस्ट करियर में 99.94 की शानदार औसत से रन बनाये थे। इस दौरान उन्होनें 29 शतक भी जड़े। इनकी महानता का अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सर्वश्रेष्ठ औसत के मामले में दूसरे पायदान पर काबिज वैली हैमंड का औसत 58.45 दर्ज है।

3. सचिन मानते थे उन्हें आदर्श,

3. सचिन मानते थे उन्हें आदर्श,

करोड़ों लोग सचिन तेंदुलकर को अपना आदर्श मानते हैं। परन्तु जब पूछा जाए कि सचिन किसे अपना आदर्श मानते थे, तो जवाब है 'सर डोनाल्ड ब्रेडमैन' । सचिन नें कई दफा यह बात स्वीकार की है कि सर डॉन उनके आदर्श हैं।

4. सचिन में दिखती है मेरी परछाई : सर डॉन

4. सचिन में दिखती है मेरी परछाई : सर डॉन

सन 1994-95 के दौरान सचिन को खेलता हुआ देखकर सर डॉन ब्रेडमैन नें अपनी पत्नी से कहा था कि 'इस लड़के की बल्लेबाजी में मुझे अपनी परछाई नजर आती है।' सचिन इस बात का जिक्र करते हुए कहते हैं कि किसी के भी द्वारा दिए गए सम्मान व प्रशंसा में से सर 'डॉन' के द्वारा कहे गए यह शब्द मेरे लिए सबसे महत्वपूर्ण व ख़ास है।

5. सर 'डॉन' व सचिन के बीच 14 अगस्त का है ख़ास रिश्ता,

5. सर 'डॉन' व सचिन के बीच 14 अगस्त का है ख़ास रिश्ता,

सर डोनाल्ड ब्रेडमैन व सचिन तेंदुलकर के बीच 14 अगस्त की तारीख को लेकर भी एक ख़ास रिश्ता है। सर ब्रेडमैन नें इंग्लैंड में 14 अगस्त 1948 के ही दिन अपना अंतिम टेस्ट मुकाबला खेलने के बाद क्रिकेट की दुनिया को अलविदा कह दिया था। और संयोग की बात यह है कि इसके ठीक 42 वर्ष बाद 14 अगस्त के दिन इंग्लैंड में ही सचिन नें अपने अंतर्राष्ट्रीय करियर का पहला शतक जड़ते हुए क्रिकेट की दुनिया के एक नए सुनहरे युग की शुरूआत की थी।  दोनों ही महान बल्लेबाजों के लिए 14 अगस्त बेहद अहम् दिन है।

6. सर डॉन की टीम में शामिल होना सबसे अहम् : सचिन

6. सर डॉन की टीम में शामिल होना सबसे अहम् : सचिन

सर डॉन ब्रेडमैन नें अपनी सर्वकालिक महान टेस्ट क्रिकेट टीम में सचिन तेंदुलकर को भी शामिल किया था। इस बात की ख़ुशी शायद सबसे ज्यादा खुद सचिन को ही है। सचिन आज भी कहते हैं कि सर डॉन की टेस्ट टीम के एकादश में शामिल होना उनके लिए सबसे गर्व की बात है। यहाँ तक कि सचिन नें उस टेस्ट टीम एकादश की एक तस्वीर अपने पास एक खजाने की तरह संभाल कर रखी है।

7. जब सचिन नें उठाया सर डॉन का बल्ला,

7. जब सचिन नें उठाया सर डॉन का बल्ला,

इस घटना के बारे में सचिन बताते हैं कि 2007 में सिडनी में एक मुकाबले के दौरान उन्हें महान सर ब्रेडमैन का बल्ला उठाने का मौका मिला था। वह एक अविस्मरणीय पल था। यह वही बल्ला था जिससे सर डॉन अपनी 30-40 वर्ष की उम्र के दौरान बल्लेबाजी किया करते थे।

8. और जब सचिन मिले सर डॉन ब्रेडमैन से,

8. और जब सचिन मिले सर डॉन ब्रेडमैन से,

वह एक शानदार पल था, ना सिर्फ सचिन तेंदुलकर के लिए बल्कि क्रिकेट के सभी चाहने वालों के लिए भी। ऐसा लग रहा था मानो क्रिकेट बल्लेबाजी की सम्पूर्ण प्रतिभा एक ही कमरे में इकट्ठी हो गई हो। सर डॉन नें अपने 90 वे जन्मदिन में स्वयं सचिन को मिलने का न्यौता दिया था। मैं बिना किसी शक़ के साथ कह सकता हूँ कि वह पल सचिन की स्मृति पटल के सुनहरे पलों में से एक है जिसे वे हर दिन जीना पसंद करेंगे।

9. सर 'डॉन' से मिलने के पहले बेचैन थे सचिन,

9. सर 'डॉन' से मिलने के पहले बेचैन थे सचिन,

सर डॉन की तरफ से न्यौता मिलने के बाद जब सचिन व महान लेग स्पिनर शेन वार्न उनसे मिलने जा रहे थे तब सचिन काफी बेचैन थे। सचिन उस दिन को याद करते हुए कहते हैं कि मैं रास्ते भर यह सोचता हुआ जा रहा था कि उनसे मिलने के बाद मैं बात कैसे करूँगा !

10. 'अरे चलो भी, एक बुजुर्ग के लिहाज से यह उतना बुरा भी नहीं।'

10. 'अरे चलो भी, एक बुजुर्ग के लिहाज से यह उतना बुरा भी नहीं।'

यह एक बेहद दिलचस्प वाक़या है। जब सचिन व वार्न 'सर डॉन' से मिलने पहुंचे तब उनके बीच क्रिकेट व अन्य मसलों पर काफी बातें हुई। इसी दौरान सचिन व वार्न की जोड़ी नें सर ब्रेडमैन से एक ऐसा सवाल पूछा जिसका जवाब हर कोई जानना चाहता था। उन्होनें सर डॉन से पूछा कि यदि वे आज के जमाने में बल्लेबाजी करते तो किस औसत से रन बनाते ? इसके जवाब में सर डॉन नें कहा 70 की औसत से। सचिन व वार्न नें अचंभित होते हुए कहा 70 की औसत से क्यों ? 99.94 की अपनी असली औसत से क्यों नहीं ! तब सर डॉन नें जो जवाब दिया वह था "अरे चलो भी ! एक 90 वर्षीय बुजुर्ग के लिए 70 की औसत इतनी भी बुरी नहीं है।" वाकई सर डोनाल्ड ब्रेडमैन मैदान के अंदर व बाहर 'डॉन' ही थे।

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