जानिए क्यों जानबूझकर पत्नी पिलाती है पति को सुहागरात को दूध

जानिए क्यों पिलाया जाता है सुहागरात को दूध। 

जानिए क्यों जानबूझकर पत्नी पिलाती है पति को सुहागरात को दूध
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जैसे कि आप जानतें ही होंगे, हर पत्नी अपने पति को सुहागरात पर दूध पिलाती हैं। यह परम्परा प्राचीन काल से चली आ रही है। क्या आपने कभी सोचा ऐसा क्यों होता है या ऐसा क्यों किया जाता है ? हम आपको बताएंगे यह क्यों ज़रूरी होता है। 

जानिए क्यों सुहागरात पर दुथ पिलाना अनिवार्य होता है।

ऐसा कहा जाता है कि सुहागरात को दूध पिलाने से स्वस्थ अच्छा रहता है। 

ऐसा कहा जाता है कि सुहागरात को दूध पिलाने से स्वस्थ अच्छा रहता है। 

ऐसा  माना जाता है कि अगर पत्नी अपने पति को सुहाग रात पर दूध पिलाती है तो पति की सेहत आने वाली जिंदगी में  अच्छी रहती है। और घर में धन की कमी भी नहीं रहती। 

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पुरातन परम्परा के अनुसार घर की लक्ष्मी के हाथों से दूध पीने से सफल जीवन की शुरुआत होती है। 

पुरातन परम्परा के अनुसार घर की लक्ष्मी के हाथों से दूध पीने से सफल जीवन की शुरुआत होती है। 
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मिलन का परिणाम होगा सुन्दर। 

मिलन का परिणाम होगा सुन्दर। 
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इसे कहा जाता है कि दूध का सेवन करनें के बाद जो शक्ति मिलती है उसके बाद मिलन का परिणाम जो होगा वो सुन्दर एंव स्वस्थ होगा।  

दूध पीने के बाद दूर हो जाती है पूरे दिन की थकान। 

दूध पीने के बाद दूर हो जाती है पूरे दिन की थकान। 
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दूध के सेवन के बाद पूरे दिन की थकान कम हो जाती है जो साथ में सोने में मददगार होता है। 

सुहागरात को पत्नी का पति को दूध देना दर्शाता है पत्नी का प्यार। 

सुहागरात को पत्नी का पति को दूध देना दर्शाता है पत्नी का प्यार। 
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जैसे दूध और पानी के मिलन के बाद दोनों अलग नहीं हो पाते, पत्नी का पति को सुहागरात पर दूध देना ऐसी ही चाहत को दर्शाता है। 

पत्नी अपने पति को सुहागरात पर केसर वाला दूध पिलाती है। 

पत्नी अपने पति को सुहागरात पर केसर वाला दूध पिलाती है। 
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केसर ताकत का एक प्राकर्तिक स्त्रोत होता है इसीलिए पत्नी अपने पति को सुहाग रत पर केसर वाला दूध पिलाती है। 

यह परम्परा प्राचीन काल से चली आ रही है। 

यह परम्परा प्राचीन काल से चली आ रही है। 
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